Muzaffarpur Jeevika: 20 करोड़ का ऋण, 20 लाख मुनाफा; दीदियों ने रचा नया इतिहास
Muzaffarpur Jeevika की वार्षिक आमसभा में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। Muzaffarpur Jeevika से जुड़ी महिलाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि संगठन ने करीब 20 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया और लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण जीविका दीदियों के बीच वितरित किया। इस दौरान स्वच्छता, स्वरोजगार, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता जैसे विषयों पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुजफ्फरपुर के जगन्नाथ पताही (रेवा रोड) स्थित द पर्ल पैलेस में आयोजित इस वार्षिक आमसभा में जिला प्रशासन, नाबार्ड, जीविका और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों को साझा करना और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना था।
वार्षिक आमसभा में पेश हुआ संगठन का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। मुख्य अतिथि जिला पदाधिकारी कुमार गौरव, उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा, प्रशिक्षु आईएएस सौरभ कुमार, नाबार्ड की डीडीएम सुमन प्रभा, डीपीएम जीविका और संगम सीएलएफ की प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया।
वार्षिक प्रतिवेदन में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संगम संकुल स्तरीय संघ ने करीब 20 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया। वहीं, लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण जीविका से जुड़ी महिलाओं के बीच वितरित किया गया, जिससे स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिला।
नाबार्ड ने पशु सखियों को दिया 8.32 लाख रुपये का सहयोग
कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड की ओर से पशु सखियों के लिए 8,32,874 रुपये की वित्तीय सहायता का चेक प्रदान किया गया।
इस सहायता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनकी आय के नए स्रोत विकसित करना है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
डीएम कुमार गौरव बोले- जीविका बदल रही महिलाओं की जिंदगी
जिला पदाधिकारी कुमार गौरव ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका आज महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बन चुकी है।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग और समूह आधारित मॉडल के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं तक पहुंच रहा है।
उप विकास आयुक्त निशांत सिहारा ने कहा कि जीविका महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।
नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
कठपुतली कलाकार सुनील कुमार के निर्देशन में "जब जागो तभी सवेरा" नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इसके माध्यम से लोगों को गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन का उपयोग करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का संदेश दिया गया।
गीत-संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया।
स्वास्थ्य जांच शिविर और स्वरोजगार योजनाओं की भी मिली जानकारी
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई।
इसके अलावा उद्योग विभाग ने उद्योग आधार पंजीकरण, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं, ताकि महिलाएं नए व्यवसाय शुरू करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुका है आत्मनिर्भर संगठन पुरस्कार
डीपीएम अनीशा ने बताया कि संगम संकुल स्तरीय संघ को राष्ट्रीय स्तर पर कई बार आत्मनिर्भर संगठन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि संगठन की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सफलता की कहानियों का अध्ययन करने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी मुजफ्फरपुर का दौरा कर चुके हैं।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई जीविका दीदियों को सम्मानित किया गया। साथ ही जिला पदाधिकारी ने सभी उपस्थित लोगों को एईएस जागरूकता की शपथ भी दिलाई।
- मुजफ्फरपुर में संगम जीविका महिला विकास स्वालंबी सहकारी समिति की वार्षिक आमसभा आयोजित हुई।
- संगठन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 20 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया।
- जीविका से जुड़ी महिलाओं के बीच लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।
- नाबार्ड ने पशु सखियों के लिए 8,32,874 रुपये की सहायता प्रदान की।
- कार्यक्रम में स्वच्छता, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
