बिहार के बेटे कनिष्क नारायण को UK में फिर बड़ी जिम्मेदारी, बने AI मंत्री
कनिष्क नारायण एक बार फिर चर्चा में हैं। कनिष्क नारायण को ब्रिटेन की नई सरकार में दोबारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मे और वैशाली जिले से पैतृक संबंध रखने वाले कनिष्क ने अपनी शिक्षा, प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक यात्रा के दम पर ब्रिटेन की राजनीति में मजबूत पहचान बनाई है। नई नियुक्ति के बाद बिहार समेत पूरे देश में उनके नाम की चर्चा तेज हो गई है।
इस साल फरवरी में भारत दौरे के दौरान कनिष्क नारायण ने दिल्ली में आयोजित AI समिट में भाग लिया था। इसके बाद उन्होंने अपने पैतृक शहर मुजफ्फरपुर का भी दौरा किया, जिससे अपने गृह राज्य से उनका जुड़ाव फिर चर्चा में आया।
बिहार से ब्रिटेन तक, ऐसा रहा कनिष्क नारायण का सफर
कनिष्क नारायण का जन्म नवंबर 1989 में बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ। उनका पैतृक गांव वैशाली जिले के गोरौल प्रखंड में स्थित है। शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर के प्रभात तारा स्कूल में हुई।
बाद में उनका परिवार दिल्ली चला गया। जब कनिष्क करीब 12 वर्ष के थे, तब परिवार ब्रिटेन के वेल्स में जाकर बस गया। यहीं से उनकी नई शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा शुरू हुई, जिसने उन्हें ब्रिटिश राजनीति के महत्वपूर्ण पद तक पहुंचाया।
उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है, जो शिक्षा और मेहनत के दम पर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाना चाहते हैं।
ऑक्सफोर्ड और स्टैनफोर्ड से हासिल की उच्च शिक्षा
ब्रिटेन पहुंचने के बाद कनिष्क ने कार्डिफ के स्कूल में पढ़ाई की। बाद में उन्हें छात्रवृत्ति के आधार पर प्रतिष्ठित एटॉन कॉलेज में प्रवेश मिला।
इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र (PPE) की पढ़ाई पूरी की। आगे अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से MBA किया।
उच्च शिक्षा के दौरान नीति निर्माण, प्रशासन और तकनीक से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ विकसित हुई, जिसका लाभ उन्हें सार्वजनिक जीवन में भी मिला।
सिविल सर्विस से संसद तक का सफर
राजनीति में आने से पहले कनिष्क नारायण ब्रिटिश सिविल सर्विस में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कैबिनेट ऑफिस में सलाहकार के रूप में काम किया और पर्यावरण, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योगदान दिया।
इसके बाद उन्होंने लेबर पार्टी का दामन थामा। वर्ष 2024 के आम चुनाव में वे वेल्स की 'वेले ऑफ ग्लैमर्गन' सीट से सांसद निर्वाचित हुए। इस जीत के साथ वे उस क्षेत्र से चुने जाने वाले भारतीय मूल के पहले सांसद भी बने।
संसद में सक्रिय भूमिका और तकनीकी विषयों पर उनकी समझ के कारण उन्हें AI और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई, जिसे नई सरकार ने भी बरकरार रखा है।
AI और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्री की क्या होती है जिम्मेदारी?
ब्रिटेन में AI और ऑनलाइन सेफ्टी मंत्री का पद केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है। इस मंत्रालय की जिम्मेदारी तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक फैली होती है।
मंत्री को AI नीति तैयार करने, डेटा सुरक्षा को मजबूत बनाने, साइबर खतरों से निपटने, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही सुनिश्चित करने और सेमीकंडक्टर जैसी रणनीतिक तकनीकों से जुड़े फैसलों में भूमिका निभानी होती है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था और उभरती तकनीकों के बढ़ते महत्व को देखते हुए इस मंत्रालय को ब्रिटेन की भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है।
भारत से जुड़ाव आज भी बरकरार
हालांकि कनिष्क नारायण ब्रिटेन की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन उनका अपने गृह राज्य बिहार से जुड़ाव लगातार बना हुआ है।
फरवरी में भारत यात्रा के दौरान उन्होंने दिल्ली में AI समिट में हिस्सा लेने के बाद मुजफ्फरपुर स्थित अपने पैतृक आवास का भी दौरा किया। उनके परिवार का शहर से पुराना संबंध रहा है। उनके दादा कृष्ण कुमार स्थानीय प्रशासनिक संस्थाओं से जुड़े रहे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं।
यही वजह है कि ब्रिटेन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बावजूद कनिष्क नारायण का बिहार से जुड़ाव लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है।
ब्रिटेन की नई सरकार में दोबारा मंत्री बनाए जाने को उनकी कार्यशैली और तकनीकी नेतृत्व पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह उपलब्धि बिहार और भारतीय मूल के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है।
