IRCTC घोटाले में लालू परिवार को फिलहाल राहत, आरोप तय करने पर कोर्ट का फैसला फिर टला
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👉 WhatsApp से जुड़ेंIRCTC घोटाला मामला एक बार फिर चर्चा में है। IRCTC घोटाला मामला में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ आरोप तय करने पर फैसला शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को भी नहीं हो सका। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान आदेश सुरक्षित रखते हुए अब अगली तारीख 14 अगस्त 2026 तय की है। इससे पहले भी अदालत 16 जून को इस मुद्दे पर फैसला 31 जुलाई तक के लिए टाल चुकी थी।
मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव समेत कई अन्य लोग आरोपी हैं। हालांकि सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से लगातार इनकार किया है।
अदालत ने क्यों टाला फैसला?
दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में शुक्रवार को आरोप तय करने के मुद्दे पर आदेश आने की उम्मीद थी। लेकिन अदालत ने इस पर तत्काल फैसला सुनाने के बजाय अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 के लिए निर्धारित कर दी।
अब अदालत उसी दिन यह तय करेगी कि मामले में आरोप तय किए जाएं या नहीं। फिलहाल अदालत की ओर से इस संबंध में विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।
क्या है पूरा IRCTC घोटाला मामला?
यह मामला वर्ष 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि उस दौरान आईआरसीटीसी के होटलों के संचालन और रखरखाव के लिए दिए गए ठेकों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि ठेका एक ऐसी निजी कंपनी को दिया गया, जिसका संबंध लालू प्रसाद यादव के करीबी लोगों से था।
ईडी के अनुसार, इन कथित अनियमितताओं के बदले लालू परिवार और उनके सहयोगियों से जुड़ी एक बेनामी कंपनी के माध्यम से लगभग तीन एकड़ कीमती जमीन हासिल की गई।
किन-किन लोगों के नाम शामिल हैं?
इस मामले में जिन प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें शामिल हैं—
- लालू प्रसाद यादव
- राबड़ी देवी
- तेजस्वी यादव
- तेज प्रताप यादव
- मीसा भारती
- हेमा यादव
- अन्य संबंधित आरोपी
जांच एजेंसियां अपने-अपने स्तर पर मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं।
लालू परिवार का क्या कहना है?
लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को खारिज किया है।
उनका कहना है कि आईआरसीटीसी होटलों के संचालन के लिए टेंडर पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दिए गए थे। परिवार का दावा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है मामला
इस प्रकरण से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं भी दायर की गई हैं।
इन याचिकाओं में ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप तय करने संबंधी आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में इन याचिकाओं पर सुनवाई अभी लंबित है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर 14 अगस्त 2026 की सुनवाई पर रहेगी। उसी दिन अदालत यह तय कर सकती है कि आरोप तय किए जाएंगे या मामले में कोई अन्य कानूनी आदेश पारित होगा।
जब तक अदालत अंतिम निर्णय नहीं देती, तब तक मामला न्यायिक प्रक्रिया के तहत विचाराधीन रहेगा।
मुख्य बातें
- IRCTC घोटाला मामले में आरोप तय करने का फैसला फिर टला।
- राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 अगस्त 2026 तय की।
- मामले में लालू प्रसाद यादव समेत परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं।
- ईडी ने होटल ठेकों में अनियमितता और जमीन लेने का आरोप लगाया है।
- लालू परिवार ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
- दिल्ली हाईकोर्ट में भी संबंधित याचिकाएं लंबित हैं।
IRCTC घोटाला मामला बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। फिलहाल अदालत ने आरोप तय करने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। अगली सुनवाई में आने वाला आदेश इस मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
