Bihar Monsoon Session: आखिरी दिन सदन में घमासान, छात्र मुद्दे पर हंगामा
Bihar Monsoon Session के अंतिम दिन बिहार विधानसभा और विधान परिषद में राजनीतिक माहौल बेहद गर्म रहा। Bihar Monsoon Session के समापन से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष कई मुद्दों पर आमने-सामने आ गए। जहानाबाद में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित फायरिंग का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, जबकि विधान परिषद में नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक ने कार्यवाही का केंद्र बना दिया। दोनों सदनों में आरोप-प्रत्यारोप और विरोध के बीच कई बार माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मानसून सत्र के आखिरी दिन हुई घटनाओं ने यह संकेत दिया कि शिक्षा, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाजी जैसे मुद्दे आने वाले दिनों में भी बिहार की राजनीति के केंद्र में बने रह सकते हैं।
विधान परिषद में बिजेंद्र यादव और सुनील कुमार सिंह के बीच तीखी बहस
विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सरकार की ओर से जवाब दे रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह की ओर से उनकी आंखों की रोशनी को लेकर टिप्पणी किए जाने की बात सामने आई।
इस पर उपमुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसके बाद सदन में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और माहौल गरमा गया।
बहस के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगाए, जिससे कुछ समय तक कार्यवाही का केंद्र यही मुद्दा बना रहा।
राजद और जदयू सदस्यों के बीच भी बढ़ी नोकझोंक
उपमुख्यमंत्री के जवाब के दौरान उन्होंने विपक्ष पर भ्रष्टाचार को लेकर भी टिप्पणी की।
इसके बाद राजद सदस्यों ने इसका विरोध किया। इसी बीच जनता दल (यूनाइटेड) के एमएलसी संजय सिंह और राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह के बीच भी तीखी बहस देखने को मिली।
दोनों पक्षों के सदस्यों ने एक-दूसरे के आरोपों का जवाब दिया, जिससे सदन का वातावरण और अधिक राजनीतिक हो गया।
विधानसभा में जहानाबाद छात्र प्रदर्शन का मुद्दा छाया रहा
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही राजद विधायक आलोक मेहता ने जहानाबाद में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित फायरिंग का मुद्दा उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर गोली चलाई गई। इस पर सत्ता पक्ष के विधायकों ने आपत्ति जताई और विपक्ष के आरोपों को गलत बताया।
इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक बहस होती रही।
हिंसा को लेकर सत्ता पक्ष ने रखा अपना पक्ष
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कहा कि यदि किसी प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों पर हमला होता है, तो ऐसे लोगों को छात्र नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा की निंदा की और इस पूरे मामले पर निंदा प्रस्ताव लाने की मांग भी रखी।
इसके बाद विपक्षी सदस्य विरोध जताते हुए सदन के वेल तक पहुंच गए, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही प्रभावित हुई।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच बढ़ा राजनीतिक तापमान
सदन में दोनों पक्षों के नेताओं ने अपने-अपने तर्क रखे।
विपक्ष ने छात्र प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सरकार की कार्रवाई का बचाव किया।
लगातार हो रही बहस और विरोध के कारण सदन का माहौल पूरे दिन गर्म बना रहा।
मानसून सत्र का समापन हंगामे के साथ
बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र का अंतिम दिन भी हंगामे और राजनीतिक टकराव के साथ समाप्त हुआ।
एक ओर विधान परिषद में व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर विवाद हुआ, वहीं दूसरी ओर विधानसभा में जहानाबाद छात्र प्रदर्शन का मुद्दा प्रमुख रूप से छाया रहा।
दोनों सदनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस ने यह साफ कर दिया कि कई राजनीतिक मुद्दों पर मतभेद अभी भी कायम हैं।
आगे क्या रह सकती है राजनीतिक दिशा?
मानसून सत्र समाप्त होने के बाद भी जहानाबाद छात्र प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक चर्चा में बना रह सकता है।
विपक्ष इस मामले को आगे भी उठाने की रणनीति बना सकता है, जबकि सरकार अपने पक्ष और कार्रवाई को लेकर स्पष्टीकरण देती रहेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा और विधान परिषद में उठे ये मुद्दे आने वाले समय में भी बिहार की राजनीति को प्रभावित कर सकते हैं।
मुख्य बातें
- मानसून सत्र के आखिरी दिन दोनों सदनों में तीखी बहस हुई।
- विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह के बीच नोकझोंक हुई।
- विधानसभा में जहानाबाद छात्र प्रदर्शन और कथित फायरिंग का मुद्दा उठा।
- सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
- हंगामे और विरोध के बीच मानसून सत्र की कार्यवाही समाप्त हुई।
