CM साइंस कॉलेज का बड़ा फैसला: 75% अटेंडेंस नहीं तो परीक्षा फॉर्म भरने पर रोक
CM Science College Attendance Rule 2026 के तहत छात्रों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। CM Science College Attendance Rule 2026 के अनुसार अब स्नातक सत्र 2026-30 से जिन छात्र-छात्राओं की कक्षा में उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें किसी भी स्थिति में परीक्षा प्रपत्र (Exam Form) भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह फैसला कॉलेज में आयोजित शिक्षकों की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और नियमित अध्ययन को बढ़ावा देना है।
75% उपस्थिति अब होगी अनिवार्य
सीएम साइंस कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने स्पष्ट किया कि कॉलेज में पढ़ाई और अनुशासन के स्तर को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि सत्र 2026-30 से सभी छात्रों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। यदि किसी छात्र की उपस्थिति इससे कम रहती है, तो उसे परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिलेगी।
कॉलेज प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नियम में किसी प्रकार की विशेष छूट देने की योजना नहीं है।
मेंटर-मेंटी व्यवस्था होगी और मजबूत
छात्रों की शैक्षणिक प्रगति और व्यक्तिगत विकास को बेहतर बनाने के लिए कॉलेज में मेंटर-मेंटी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।
इसके लिए एक विशेष मेंटर-मेंटी सेल का गठन किया गया है। यह सेल विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, पढ़ाई की प्रगति और अन्य समस्याओं की लगातार निगरानी करेगा।
कॉलेज का मानना है कि इससे छात्रों को समय रहते मार्गदर्शन मिलेगा और उनकी पढ़ाई में सुधार होगा।
बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा सम्मान
कॉलेज प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले मेंटर और मेंटी को सम्मानित किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना तथा पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।
प्रशासन का कहना है कि इससे विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक प्रदर्शन में भी सुधार आने की उम्मीद है।
UGC और NAAC मानकों के पालन पर जोर
प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि राज्य के 10 उत्कृष्ट महाविद्यालयों में सीएम साइंस कॉलेज का चयन संस्थान के लिए गर्व की बात है।
उन्होंने सभी शिक्षकों से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नियमों और NAAC के गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन करने का आग्रह किया।
उनके अनुसार, कॉलेज की नई जिम्मेदारियों को देखते हुए अब शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थागत व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
अतिथि शिक्षकों को भी दिए गए अहम निर्देश
बैठक के दौरान अतिथि शिक्षकों को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही छात्रों से मिलने वाले फीडबैक को गंभीरता से लेने और अपनी शिक्षण पद्धति में लगातार सुधार करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा शिक्षकों से NCC, NSS और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने को भी कहा गया ताकि छात्रों का समग्र विकास हो सके।
प्रयोगशालाओं और आधारभूत सुविधाओं पर भी चर्चा
बैठक में विभिन्न विभागाध्यक्षों ने कॉलेज की जर्जर प्रयोगशालाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं।
इस पर प्रधानाचार्य ने आश्वासन दिया कि सभी विभागों से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर विश्वविद्यालय को भेजी जाएगी, ताकि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था जल्द की जा सके।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आधुनिक प्रयोगशालाएं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
छात्रों पर क्या होगा नए नियम का असर?
नए नियम लागू होने के बाद छात्रों को नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहना होगा।
यदि कोई छात्र 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी नहीं करता है, तो वह परीक्षा फॉर्म नहीं भर सकेगा। इसलिए छात्रों को शुरुआत से ही अपनी उपस्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित कक्षाओं में शामिल होने से परीक्षा परिणाम और विषय की समझ दोनों बेहतर होती हैं।
महत्वपूर्ण बातें एक नजर में
- सत्र 2026-30 से 75% उपस्थिति अनिवार्य।
- कम अटेंडेंस पर परीक्षा फॉर्म भरने की अनुमति नहीं।
- मेंटर-मेंटी सेल करेगा छात्रों की निगरानी।
- उत्कृष्ट मेंटर और मेंटी को मिलेगा सम्मान।
- UGC और NAAC मानकों के पालन पर विशेष जोर।
- कॉलेज की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी।
