बिहार स्टेट हाईवे टोल पर बड़ा फैसला, निजी वाहनों को पूरी छूट; सिर्फ इन गाड़ियों से लगेगा शुल्क
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा अररिया जिले के हरिपुर में आयोजित सहयोग शिविर कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सड़क अवसंरचना को बेहतर बनाना है, लेकिन आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं।
निजी वाहनों को मिलेगी पूरी राहत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि टोल टैक्स को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के मानकों के अनुरूप राज्य में भी टोल व्यवस्था लागू की जाएगी, लेकिन निजी वाहनों को इससे पूरी तरह बाहर रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो लोग अपने परिवार के साथ निजी कार या जीप से यात्रा करते हैं, उनसे कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार आम नागरिकों को राहत देने की नीति पर काम कर रही है।
सिर्फ कमर्शियल गाड़ियों पर लागू होगा टोल टैक्स
सरकार के अनुसार, टोल टैक्स केवल व्यावसायिक उपयोग वाले वाहनों से लिया जाएगा। इसमें टैक्सी, बस, ट्रक और कमर्शियल परमिट वाली अन्य गाड़ियां शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक वाहन सड़क का नियमित और अधिक उपयोग करते हैं। ऐसे में उनसे उपयोगकर्ता शुल्क लेना एक सामान्य व्यवस्था है, जबकि निजी वाहनों को इससे छूट दी जाएगी।
कैबिनेट ने पहले ही दे दी है नियमावली को मंजूरी
हाल ही में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई थी।
इस नियमावली के तहत पहली बार बिहार सरकार के अधीन आने वाले स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स लगाने का रास्ता साफ हुआ है। अभी तक राज्य में केवल राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) पर ही टोल वसूला जाता था।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य सरकार चयनित स्टेट हाईवे पर भी टोल वसूलेगी। हालांकि, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि निजी वाहन इस व्यवस्था से बाहर रहेंगे।
स्टेट हाईवे पर किस वाहन से कितना टोल लगेगा?
नई नियमावली में अलग-अलग श्रेणी के व्यावसायिक वाहनों के लिए टोल दरें भी तय कर दी गई हैं।
- टैक्सी, कमर्शियल कार और जीप जैसी हल्की व्यावसायिक गाड़ियों से 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टोल लिया जाएगा।
- बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों पर 6.65 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है।
- बड़े ट्रेलर और अधिक क्षमता वाले भारी वाहनों के लिए 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर की दर तय की गई है।
- ओवरलोड वाहनों से निर्धारित टोल के अलावा अतिरिक्त शुल्क भी वसूला जाएगा।
इन दरों का उद्देश्य सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए आवश्यक संसाधन जुटाना बताया गया है।
कब से शुरू होगी टोल वसूली?
फिलहाल राज्य सरकार यह तय करने की प्रक्रिया में है कि किन-किन स्टेट हाईवे पर टोल व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके लिए विभिन्न सड़कों का तकनीकी अध्ययन और मूल्यांकन किया जा रहा है।
बिहार में वर्तमान में स्टेट हाईवे का नेटवर्क लगभग 3,614 किलोमीटर लंबा है। इनमें अधिकांश सड़कें दो-लेन हैं, जबकि लगभग 40 किलोमीटर सड़क फोरलेन श्रेणी में आती है।
सरकार ने अभी टोल वसूली शुरू होने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि शुरुआती चरण में किन मार्गों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि निजी वाहन मालिकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। दूसरी ओर, व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र को नई टोल व्यवस्था के अनुसार शुल्क देना होगा।
आने वाले समय में जब सरकार टोल वाले स्टेट हाईवे की सूची और लागू होने की तारीख जारी करेगी, तब पूरी व्यवस्था की तस्वीर और साफ हो जाएगी। फिलहाल सरकार का फोकस सड़क अवसंरचना को मजबूत करने के साथ आम नागरिकों को राहत देने पर दिखाई देता है।