Bihar Free JEE NEET Coaching: गरीब छात्रों के लिए बड़ी सौगात, 155 स्कूलों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग
Bihar Free JEE NEET Coaching को लेकर बिहार सरकार ने विद्यार्थियों के लिए बड़ा कदम उठाया है। Bihar Free JEE NEET Coaching योजना के तहत अब इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को मुफ्त कोचिंग की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में इस निशुल्क अनुशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। पहले चरण में राजधानी के 10 मॉडल स्कूलों में यह सुविधा शुरू की गई है, जिसे आने वाले समय में राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक विस्तार दिया जाएगा।
10 मॉडल स्कूलों से हुई शुरुआत, जल्द 155 स्कूलों तक पहुंचेगी योजना
बिहार सरकार ने फिलहाल पटना के 10 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में जेईई और नीट की मुफ्त कोचिंग शुरू की है।
कार्यक्रम का शुभारंभ पटना के शास्त्री नगर स्थित बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन तथा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) के अध्यक्ष आनंद किशोर त्यागराजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सरकार का लक्ष्य इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से राज्य के सभी 155 मॉडल स्कूलों तक पहुंचाना है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।
518 विद्यार्थियों ने कराया पंजीकरण
बीएसईबी के अध्यक्ष ने बताया कि पहले चरण में शुरू हुई इस योजना के लिए कुल 518 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है।
इनमें 266 विद्यार्थी जेईई की तैयारी के लिए और 252 विद्यार्थी नीट की तैयारी के लिए नामांकित हुए हैं।
सरकार को उम्मीद है कि योजना का विस्तार होने के साथ पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि होगी।
मुफ्त कोचिंग में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को केवल कक्षाएं ही नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षण सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलेंगी—
- सभी क्लासरूम में एसी और डिजिटल स्मार्ट बोर्ड
- अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएं
- डाउट क्लियरिंग के लिए अलग विशेष सत्र
- उच्च गुणवत्ता का मुफ्त स्टडी मटेरियल
- हर 15 दिन पर क्लास टेस्ट
- मोबाइल ऐप के जरिए इंटरैक्टिव लर्निंग
- विषयवार नियमित प्रगति मूल्यांकन
इन सुविधाओं का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अधिक प्रभावी बनाना है।
हर विषय के लिए अलग शिक्षक होंगे उपलब्ध
बीएसईबी के अनुसार प्रत्येक मॉडल स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स और बायोलॉजी के लिए अलग-अलग शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे।
छात्राओं के लिए कोचिंग का समय शाम 6 बजे तक रखा गया है, जबकि छात्रों की कक्षाएं शाम 7 बजे तक संचालित होंगी।
सरकार का दावा है कि पढ़ाने वाले शिक्षकों में ऐसे विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जिन्हें प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संस्थानों में पढ़ाने का अनुभव है।
पहले से चल रही है मुफ्त आवासीय कोचिंग
राज्य सरकार इससे पहले भी मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुफ्त आवासीय कोचिंग योजना संचालित कर रही है।
इस योजना के तहत 11वीं कक्षा के चयनित छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त पढ़ाई, रहने और भोजन की सुविधा दी जाती है।
वर्तमान में इस आवासीय कार्यक्रम के दो बैच संचालित हो रहे हैं।
अब पटना ही नहीं, प्रमंडल मुख्यालयों तक पहुंची सुविधा
पहले यह आवासीय कोचिंग मुख्य रूप से पटना तक सीमित थी।
अब इसे मुजफ्फरपुर, छपरा, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर सहित विभिन्न प्रमंडल मुख्यालयों तक विस्तारित किया गया है।
इसके साथ ही मॉडल स्कूलों में शुरू हुई नई मुफ्त कोचिंग व्यवस्था से उन विद्यार्थियों को भी लाभ मिलेगा, जो आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं ले पाते।
छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर अक्सर लाखों रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग तक पहुंच आसान नहीं होती।
नई योजना का उद्देश्य ऐसे छात्रों को आधुनिक सुविधाओं और अनुभवी शिक्षकों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है। यदि योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो राज्य के ग्रामीण और जरूरतमंद विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
