बांकीपुर चुनाव से पहले एक्टिव हुए नीतीश कुमार, 48 घंटे में नेताओं को दिया बड़ा मिशन
बांकीपुर उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इसी बीच बांकीपुर उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपने सरकारी आवास पर वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जमीनी फीडबैक, मतदाताओं के रुझान, संगठन की सक्रियता और प्रचार अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। माना जा रहा है कि मतदान से पहले के अंतिम 48 घंटे को लेकर पार्टी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है।
अंतिम 48 घंटे के लिए नेताओं को मिला खास निर्देश
बैठक में नीतीश कुमार ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि चुनाव प्रचार खत्म होने से लेकर ईवीएम सील होने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर बूथ और हर मतदाता तक एनडीए सरकार के सामाजिक न्याय, विकास और जनकल्याण के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। साथ ही संगठन की सक्रियता अंतिम समय तक बनी रहे, ताकि चुनावी अभियान में कोई कमी न रह जाए।
जदयू नेतृत्व का मानना है कि आखिरी समय का जनसंपर्क अभियान चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।
बांकीपुर की जंग ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव इस बार बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गया है। सभी प्रमुख दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर के सक्रिय प्रचार अभियान के बाद चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। इसी कारण सभी दल अंतिम दौर में अपनी रणनीति को और मजबूत करने में जुटे हैं।
हालांकि चुनावी परिणाम का फैसला अंततः मतदाता ही करेंगे।
बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ नेता
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में जदयू और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, मंत्री अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, जमा खान, सुनील कुमार, ललन सर्राफ, अरुण मांझी और इरशाद अली आजाद समेत अन्य नेताओं ने हिस्सा लिया।
नेताओं ने मुख्यमंत्री को चुनावी तैयारियों और क्षेत्र से मिल रहे फीडबैक की जानकारी दी। साथ ही दावा किया कि एनडीए प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है।
संजय झा ने विकास के मुद्दे पर साधा निशाना
बैठक के बाद चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि बांकीपुर का चुनाव केवल एक विधायक चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि विकास की गति को बनाए रखने का भी अवसर है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो दशकों में पटना और आसपास के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं, जिनका लाभ लोगों को मिला है।
संजय झा ने अपने संबोधन में जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर पर भी राजनीतिक टिप्पणी करते हुए उनके पुराने बयानों का उल्लेख किया।
एनडीए नेताओं ने विकास और सुशासन को बनाया मुद्दा
एनडीए की संयुक्त जनसभा में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भी मतदाताओं को संबोधित किया।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह चुनाव विकास, सुशासन और सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने का चुनाव है। उन्होंने मतदाताओं से विकास कार्यों को ध्यान में रखकर मतदान करने की अपील की।
वहीं विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली और चुनावी रणनीति पर सवाल उठा रहा है, जिससे चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होता जा रहा है।
30 जुलाई को होगी वोटिंग, परिणाम पर सबकी नजर
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होना है। चुनाव प्रचार के लिए अब बहुत कम समय बचा है और सभी दल अंतिम दौर में मतदाताओं तक पहुंचने में जुटे हैं।
आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि मतदाता विकास, स्थानीय मुद्दों या राजनीतिक दावों में से किसे प्राथमिकता देते हैं। फिलहाल बिहार की राजनीति में बांकीपुर सीट सबसे ज्यादा चर्चा का केंद्र बनी हुई है और सभी की नजर मतदान तथा उसके बाद आने वाले नतीजों पर टिकी है।
