बांकीपुर चुनाव में गरजे प्रशांत किशोर, पैसा लें, लेकिन वोट सोच-समझकर दें

 


प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। प्रशांत किशोर ने तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए। चुनावी सभा में उन्होंने मतदाताओं से धन और प्रलोभन से दूर रहकर अपने बच्चों के भविष्य, शिक्षा और रोजगार को ध्यान में रखते हुए मतदान करने की अपील की। चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में दिए गए उनके बयान ने बांकीपुर की राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है।

पैसा लें, लेकिन वोट सोच-समझकर दें: प्रशांत किशोर

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से कहा कि यदि चुनाव के दौरान कोई पैसा देता है तो उसे लेना या न लेना उनका निर्णय है, लेकिन मतदान करते समय केवल अपने परिवार और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखें।

उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद नेता अक्सर पांच साल तक जनता से दूर हो जाते हैं। इसलिए वोट डालते समय शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।

अपने समर्थकों से उन्होंने चुनाव चिन्ह पर मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि बदलाव तभी संभव है जब जनता सोच-समझकर अपना मताधिकार का उपयोग करे।

भाजपा पर धन-बल के इस्तेमाल का लगाया आरोप

प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के दौरान धन-बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मतदाताओं का निर्णय किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चुनावी माहौल में इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप आम हैं और अंतिम फैसला मतदाता अपने वोट के जरिए करेंगे।

पवन सिंह पर भी साधा निशाना

सभा के दौरान प्रशांत किशोर ने भाजपा नेता और अभिनेता पवन सिंह का नाम लेते हुए भी टिप्पणी की।

उन्होंने शराबबंदी के मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि लोग शराब से दूर रहें और इस विषय पर पवन सिंह को लेकर भी सवाल उठाए। उनका यह बयान चुनावी मंच से दिया गया, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा शुरू हो गई।

पवन सिंह की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल

प्रशांत किशोर ने कहा कि तेज प्रताप यादव ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की थी और उसके कुछ घंटे बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर बेउर जेल भेज दिया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि छात्र आंदोलन में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ क्यों हुई। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए कि गिरफ्तारी किन कानूनी धाराओं के तहत की गई और इसके पीछे क्या आधार था।

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।

"बदलाव चाहने वाले हर दल के लोग साथ हैं"

अपने संबोधन में प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यह चुनाव केवल जन सुराज और भाजपा के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि बिहार में बदलाव की सोच रखने वाले लोगों की लड़ाई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें केवल जन सुराज के कार्यकर्ताओं का ही नहीं, बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े उन लोगों का भी समर्थन मिल रहा है जो राज्य में बेहतर शासन और विकास चाहते हैं।

हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में बढ़ी सियासी गर्मी

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का प्रचार अब अंतिम दौर में है। ऐसे समय में नेताओं के बयान, आरोप-प्रत्यारोप और चुनावी वादे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।

एक ओर विपक्ष सरकार और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तापक्ष अपने विकास कार्यों और चुनावी रणनीति के साथ मैदान में है। अब सभी की नजर मतदान और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी है, जो बांकीपुर की राजनीति की अगली दिशा तय करेंगे।

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