बांकीपुर उपचुनाव में खेसारी की एंट्री, PK के समर्थन से बढ़ी सियासी हलचल


 

पटना: बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। बांकीपुर उपचुनाव में अब भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव की एंट्री ने चुनावी मुकाबले को नई चर्चा दे दी है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे खेसारी ने मतदाताओं से उम्मीदवार की सोच और काम करने की क्षमता के आधार पर मतदान करने की अपील की। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मजबूत गढ़ रही है। ऐसे में चुनाव प्रचार में नए चेहरे जुड़ने से मुकाबला और दिलचस्प होता दिखाई दे रहा है।

खेसारी लाल यादव ने क्यों किया प्रशांत किशोर का समर्थन?

चुनावी प्रचार के दौरान खेसारी लाल यादव ने कहा कि मतदाताओं को ऐसे उम्मीदवार का चयन करना चाहिए जो शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करे।

उन्होंने प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए कहा कि वे पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं और लगातार शिक्षा एवं रोजगार की बात करते रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे लोगों को विधानसभा तक पहुंचना चाहिए।

खेसारी के इस बयान के बाद जन सुराज समर्थकों में उत्साह देखा गया, जबकि विपक्षी दलों के समर्थकों के बीच भी इस पर चर्चा शुरू हो गई।

RJD से जुड़े होने के बावजूद बदला चुनावी समीकरण

खेसारी लाल यादव का यह समर्थन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने छपरा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

उस चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार छोटी कुमारी से लगभग 7,600 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के अनुसार छोटी कुमारी को 86,845 वोट, जबकि खेसारी लाल यादव को 79,245 वोट मिले थे।

अब उनके जन सुराज के समर्थन में प्रचार करने से राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

RJD उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के समर्थन पर उठे सवाल

बांकीपुर उपचुनाव में RJD ने भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारा है। ऐसे में कई राजनीतिक पर्यवेक्षक यह सवाल उठा रहे हैं कि RJD से जुड़े माने जाने वाले खेसारी ने अपनी पूर्व पार्टी के उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के पक्ष में प्रचार क्यों किया।

हालांकि, इस विषय पर खेसारी लाल यादव की ओर से कोई विस्तृत राजनीतिक टिप्पणी सामने नहीं आई है। उन्होंने अपने संबोधन में केवल मतदाताओं से विकास और भविष्य के मुद्दों को प्राथमिकता देने की अपील की।

बांकीपुर सीट पर बीजेपी का मजबूत रिकॉर्ड

बांकीपुर विधानसभा सीट को बिहार में बीजेपी का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। पिछले कई विधानसभा चुनावों में पार्टी ने यहां लगातार जीत दर्ज की है।

हाल के चुनावी परिणाम

वर्ष                             विजेता                          पार्टी
2025                       नितिन नवीन                         बीजेपी
2020                       नितिन नवीन                         बीजेपी
2015                       नितिन नवीन                         बीजेपी
2010                       नितिन नवीन                         बीजेपी

इससे पहले भी जब यह क्षेत्र पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, तब भी यहां बीजेपी का प्रभाव बना रहा। यही वजह है कि उपचुनाव में भी पार्टी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।

पहले भी बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं खेसारी

खेसारी लाल यादव इससे पहले भी अपने सार्वजनिक बयानों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। विशेष रूप से शिक्षा, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर दिए गए उनके कुछ बयान राजनीतिक बहस का विषय बने थे।

हालांकि, मौजूदा चुनाव प्रचार में उन्होंने अपने संबोधन का केंद्र शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य को बनाया तथा मतदाताओं से सोच-समझकर मतदान करने की अपील की।

बांकीपुर उपचुनाव क्यों है अहम?

बांकीपुर विधानसभा सीट का उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक रणनीतियों की परीक्षा के रूप में भी देखा जा रहा है।

एक ओर बीजेपी अपनी पारंपरिक बढ़त बनाए रखने की कोशिश में है, वहीं जन सुराज और अन्य दल भी अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में चुनाव प्रचार में चर्चित चेहरों की भागीदारी इस मुकाबले को और रोचक बना रही है।

आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होने के साथ राजनीतिक दलों की रणनीति और मतदाताओं का रुझान इस सीट के परिणाम को प्रभावित कर सकता है।

एक नजर में मुख्य बातें

  • बांकीपुर उपचुनाव में खेसारी लाल यादव ने प्रशांत किशोर के समर्थन में प्रचार किया।
  • मतदाताओं से शिक्षा, रोजगार और विकास के आधार पर मतदान की अपील की।
  • खेसारी पहले RJD के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।
  • बांकीपुर सीट लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है।
  • उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हैं।
Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1