बांकीपुर उपचुनाव: अचानक बीजेपी उम्मीदवार बने नीरज सिन्हा, जानिए पूरी कहानी

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में अचानक नया मोड़ आ गया है। बांकीपुर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अंतिम समय में बड़ा फैसला लेते हुए अभिषेक कुमार की जगह नीरज कुमार सिन्हा को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। 30 जुलाई को होने वाले मतदान से पहले इस बदलाव ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब नीरज सिन्हा का मुकाबला आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर से होगा। बीजेपी के इस फैसले ने चुनावी मुकाबले को और रोचक बना दिया है। पार्टी का मानना है कि नया चेहरा चुनाव में संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर एनडीए की स्थिति मजबूत करेगा।
कैसे पता चला कि बीजेपी ने बनाया उम्मीदवार?
नीरज कुमार सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार को वह नरेंद्र भारती मंडल के तहत बूथ स्तर पर चुनावी तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई और वह मीठापुर स्थित अपने घर लौट आए। घर पहुंचकर उन्होंने मोबाइल चार्ज पर लगाया। इस दौरान यदि पार्टी या वरिष्ठ नेताओं की ओर से कोई कॉल आया भी होगा तो वह मोबाइल बंद होने के कारण उससे अनजान रहे। शाम करीब पांच बजे कुछ दोस्त उनके घर पहुंचे और उन्हें बताया कि भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव के लिए उन्हें उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पहले तो उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने टीवी पर खबर देखी तो उन्हें इसकी पुष्टि हुई। इसके बाद पार्टी के नेता उनके घर पहुंचे और उन्हें प्रदेश कार्यालय लेकर गए, जहां औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।
परिवार हुआ भावुक, बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर जताया आभार
नीरज कुमार सिन्हा ने कहा कि पार्टी ने उन पर जो विश्वास जताया है, वह उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार इस फैसले से भावुक है। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और वह अपने बड़े भाई के साथ मीठापुर में रहते हैं। पार्टी द्वारा इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर उन्होंने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। नीरज ने भरोसा जताया कि वह संगठन और कार्यकर्ताओं के सहयोग से पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ेंगे।
सीएम सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने दी बधाई
नीरज सिन्हा के उम्मीदवार घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि बांकीपुर की जनता एनडीए प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेगी। इसके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित एनडीए के कई नेताओं ने भी नीरज सिन्हा को बधाई दी और चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं। पार्टी नेताओं ने कहा कि संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय रहेंगे।
कौन हैं बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा?
31 वर्षीय नीरज कुमार सिन्हा पटना के मीठापुर के निवासी हैं। उनका मूल निवास नालंदा जिले के रहुई प्रखंड में है। उनका जन्म वर्ष 1994 में हुआ और उन्होंने स्नातक तक की पढ़ाई की है। नीरज अविवाहित हैं और लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2006 में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। वर्तमान में वह 'नरेंद्र भारती मंडल' के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पार्टी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेदारी के लिए चुना है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह के हस्ताक्षर से उनके नाम की आधिकारिक घोषणा की गई। नीरज सिन्हा सोमवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
अभिषेक कुमार ने क्यों छोड़ी चुनावी दौड़?
बीजेपी के पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार ने शुक्रवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव नहीं लड़ने का फैसला सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि पारिवारिक कारणों की वजह से वह बांकीपुर उपचुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इसी कारण उन्होंने अपना नाम वापस लेने का निर्णय लिया। अभिषेक कुमार ने बताया कि उन्होंने चुनाव नहीं लड़ने संबंधी पत्र बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंप दिया है। इसके बाद पार्टी ने नए उम्मीदवार के तौर पर नीरज कुमार सिन्हा के नाम पर मुहर लगा दी।
बांकीपुर में मुकाबला हुआ दिलचस्प
बांकीपुर उपचुनाव अब त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। बीजेपी ने संगठन से जुड़े युवा चेहरे पर भरोसा जताया है, जबकि आरजेडी ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर जन सुराज के प्रशांत किशोर भी इस सीट पर चुनावी चुनौती पेश कर रहे हैं। ऐसे में 30 जुलाई को होने वाला मतदान सिर्फ स्थानीय राजनीति ही नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक रणनीतियों की भी परीक्षा माना जा रहा है। सभी प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार की तैयारियां तेज कर दी हैं और आने वाले दिनों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।