Bihar By-Election: बांकीपुर में BJP ने बदला उम्मीदवार, RJD का तंज- 'चारा घोटाला के जनक का बेटा आपका मंत्री'

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा ऐन वक्त पर उम्मीदवार बदलने के फैसले ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है। मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस फैसले को भाजपा की राजनीतिक मजबूरी बताते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा की ओर से उम्मीदवार बदलने के पीछे आधिकारिक तौर पर अलग कारण बताए गए हैं। ऐसे में अब इस हाई-प्रोफाइल सीट का चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक माना जा रहा है।
उम्मीदवार बदलने पर RJD ने साधा BJP पर निशाना
बांकीपुर सीट से पहले भाजपा ने अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने 9 जुलाई को नामांकन भी दाखिल किया, लेकिन अगले ही दिन चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को नया प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसी फैसले को लेकर RJD ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि भाजपा ने संभावित राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए उम्मीदवार बदला है। हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
चारा घोटाले को लेकर भी सियासत तेज
राजद ने अपने बयान में बहुचर्चित चारा घोटाले का भी जिक्र किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा एक तरफ इस मुद्दे को लेकर राजनीति करती है, जबकि दूसरी ओर उसी प्रकरण से जुड़े परिवार के सदस्य वर्तमान सरकार में मंत्री हैं। इसके साथ ही राजद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा नेतृत्व और सरकार पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। भाजपा की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही माना जाता है।
उम्मीदवार बदलने के पीछे क्या वजह बताई जा रही है?
भाजपा ने उम्मीदवार बदलने के बाद नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया। अभिषेक कुमार सिन्हा ने चुनाव नहीं लड़ने के पीछे पारिवारिक कारणों का हवाला दिया था। दूसरी ओर, राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी सामने आईं। कुछ सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि नामांकन के बाद कुछ जानकारियां सामने आने के कारण पार्टी ने फैसला बदला। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा ने आधिकारिक रूप से इस संबंध में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया।
क्या प्रशांत किशोर की पार्टी को मिलेगा फायदा?
RJD ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने कमजोर उम्मीदवार उतारकर जन सुराज पार्टी को अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। विपक्ष का दावा है कि इससे चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह राजनीतिक आरोप है और भाजपा ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है। चुनावी नतीजे ही तय करेंगे कि किस रणनीति का कितना असर पड़ा। उधर जन सुराज पार्टी भी इस सीट पर पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटी हुई है, जिससे मुकाबला और अधिक रोचक बन गया है।
30 जुलाई को मतदान, त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी। इस कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा, राष्ट्रीय जनता दल और जन सुराज पार्टी के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया है। वहीं RJD ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। जन सुराज की ओर से भी मजबूत चुनावी अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में बांकीपुर का उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में शामिल हो गया है।
बांकीपुर उपचुनाव क्यों बना चर्चा का केंद्र?
बांकीपुर पटना की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में गिनी जाती है। लंबे समय तक यह भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। लेकिन इस बार उम्मीदवार बदलने, विपक्ष के लगातार हमलों और तीसरे मजबूत राजनीतिक विकल्प की मौजूदगी ने चुनाव को दिलचस्प बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपचुनाव का असर केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनावों के राजनीतिक संदेश के रूप में भी इसे देखा जाएगा। इसलिए सभी प्रमुख दल इस सीट पर पूरी ताकत झोंक रहे हैं।