Bankipur Bypoll 2026: नामांकन के साथ PK ने बताए 8 केस, हलफनामे में बड़ा खुलासा


 

Bankipur Bypoll 2026 में जन सुराज पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने नामांकन के साथ दाखिल चुनावी हलफनामे में अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी सार्वजनिक की है। Bankipur Bypoll 2026 के दौरान दायर इस हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कुल 8 मामले लंबित हैं। इनमें अधिकांश मामले धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और आपराधिक मानहानि से जुड़े बताए गए हैं। हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और न ही किसी अदालत ने सजा सुनाई है।

सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के साथ ही प्रशांत किशोर का शपथपत्र चर्चा का विषय बन गया। इसमें लंबित मुकदमों के अलावा संपत्ति और अन्य वैधानिक जानकारियां भी दी गई हैं।

हलफनामे में क्या-क्या जानकारी दी गई?

चुनावी हलफनामे के मुताबिक प्रशांत किशोर के खिलाफ कुल 8 मामले दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक 5 मामले पटना में दर्ज हैं, जबकि मुजफ्फरपुर, बेतिया और सहरसा में एक-एक मामला लंबित है।

हलफनामे के अनुसार पटना में दर्ज अधिकतर मामले धरना-प्रदर्शन, सड़क जाम और सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने के आरोपों से जुड़े हैं। वहीं अन्य जिलों में दर्ज कुछ मामले आपराधिक मानहानि से संबंधित हैं।

पटना में किन मामलों का जिक्र?

शपथपत्र के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में गांधी मैदान थाना में अलग-अलग मामलों में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई थी।

इसी तरह सचिवालय थाना और पीरबहोर थाना में भी सड़क जाम, प्रदर्शन तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने से जुड़े आरोपों के आधार पर मामले दर्ज होने का उल्लेख हलफनामे में किया गया है।

इन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।

सहरसा, बेतिया और मुजफ्फरपुर में भी लंबित हैं केस

हलफनामे में यह भी बताया गया है कि सहरसा में उनके खिलाफ मानहानि से जुड़ा एक मामला दर्ज है।

इसके अलावा पटना, बेतिया और मुजफ्फरपुर की अदालतों में भी वर्ष 2025 के दौरान आपराधिक मानहानि से संबंधित मुकदमे लंबित हैं।

इन सभी मामलों का अंतिम निर्णय अभी संबंधित अदालतों में होना बाकी है।

क्या किसी मामले में हुई है सजा?

प्रशांत किशोर ने अपने चुनावी शपथपत्र में स्पष्ट किया है कि अब तक किसी भी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है।

उन्होंने यह भी बताया है कि किसी अदालत ने उनके खिलाफ सजा नहीं सुनाई है और अधिकांश मामलों में अभी आरोप तय होने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है।

ऐसे में सभी मामले फिलहाल न्यायिक विचाराधीन हैं।

पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे प्रशांत किशोर

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पहली बार स्वयं विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

इससे पहले उनकी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उन्होंने स्वयं चुनाव नहीं लड़ा था। इस बार बांकीपुर सीट से उनकी सीधी चुनावी एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस सीट पर खास तौर पर बनी हुई है क्योंकि यहां प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल सकती है।

बांकीपुर सीट क्यों है खास?

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती है।

यह सीट राज्यसभा सदस्य बनने के बाद नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई। इससे पहले नितिन नवीन लगातार पांच बार यहां से विधायक चुने गए थे। उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी कई बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

करीब तीन दशक से इस सीट पर भाजपा का वर्चस्व रहा है।

मतदान और परिणाम कब?

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:

  • मतदान: 30 जुलाई 2026
  • मतगणना एवं परिणाम: 3 अगस्त 2026

अब सभी उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकेंगे और मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करेंगे।

चुनावी मुकाबले पर रहेगी नजर

बांकीपुर उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

प्रशांत किशोर ने इस चुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए राजनीतिक बदलाव की बात कही है, जबकि अन्य दल भी इस सीट को जीतने के लिए पूरी तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में अंतिम फैसला 30 जुलाई को मतदाता करेंगे।

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