Bankipur By Poll: उम्मीदवार बदलने पर चिराग पासवान का बचाव, बोले- प्रशांत किशोर का खाता नहीं खुलेगा
Bankipur By Poll को लेकर बिहार की राजनीति लगातार गर्म बनी हुई है। Bankipur By Poll में भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले के बाद उठ रहे सवालों पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने एनडीए का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि किसी भी उम्मीदवार के चुनाव लड़ने या पीछे हटने के पीछे कई व्यक्तिगत और सामूहिक कारण हो सकते हैं। ऐसे में बिना पूरी जानकारी के निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बांकीपुर उपचुनाव एनडीए के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भाजपा ने पहले घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा के चुनाव नहीं लड़ने के फैसले के बाद नीरज कुमार सिन्हा को नया प्रत्याशी बनाया है। इस फैसले को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
उम्मीदवार बदलने पर क्या बोले चिराग पासवान?
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि उम्मीदवार स्वयं सार्वजनिक रूप से अपने फैसले की वजह बता चुके हैं। इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक अटकलें लगाने से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की निजी परिस्थितियां अलग होती हैं और कई बार चुनावी निर्णय व्यक्तिगत कारणों के साथ-साथ संगठनात्मक विचार-विमर्श के बाद भी लिए जाते हैं। उनके अनुसार, चुनाव में प्रत्याशी बदलना कोई असामान्य घटना नहीं है और भारतीय राजनीति में पहले भी ऐसे उदाहरण सामने आते रहे हैं।
'बांकीपुर की जनता सीट का महत्व अच्छी तरह समझती है'
चिराग पासवान ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट का अपना अलग राजनीतिक महत्व है। उनका कहना था कि यहां के मतदाता विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता देते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से लगातार कई बार भाजपा के उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। इससे स्पष्ट है कि यहां की जनता चुनाव में विकास और गठबंधन की नीतियों को भी महत्व देती है।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसे जनप्रतिनिधि का चयन करें जो केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर क्षेत्र के विकास में योगदान दे सके और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सके।
'प्रत्याशी नहीं, विचार और नेतृत्व महत्वपूर्ण'
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चुनाव में केवल उम्मीदवार का नाम ही निर्णायक नहीं होता, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण होता है कि वह किस विचारधारा और किस विकास मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा कि एनडीए चाहता है कि ऐसा उम्मीदवार विधानसभा पहुंचे जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकास दृष्टिकोण के अनुरूप काम करे।
उनके इस बयान को भाजपा और सहयोगी दलों की ओर से गठबंधन की एकजुटता का संदेश माना जा रहा है।
प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना
चिराग पासवान ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की राजनीतिक रणनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि बांकीपुर में एनडीए मजबूत स्थिति में है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर की राजनीति से समाज में भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा होती है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जन सुराज के पास विकास का स्पष्ट रोडमैप नहीं है। हालांकि, यह चिराग पासवान का राजनीतिक बयान है और इस पर जन सुराज की ओर से अलग राय हो सकती है।
बांकीपुर उपचुनाव क्यों बना चर्चा का केंद्र?
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है। इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी।
भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने, विपक्ष की प्रतिक्रिया और एनडीए नेताओं के लगातार बयानों के कारण यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी माहौल और भी रोचक हो सकता है।
