Bankipur By Poll: BJP उम्मीदवार के हटने पर PK का बड़ा हमला, बोले- 'उम्मीदवार भाग गया'
Bankipur By Poll को लेकर बिहार की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। Bankipur By Poll के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐन चुनाव से पहले अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस बदलाव के बाद बांकीपुर उपचुनाव का मुकाबला और दिलचस्प हो गया है, जबकि विपक्षी दलों और अन्य नेताओं ने इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी है।
बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। ऐसे में उम्मीदवार बदलने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि भाजपा ने प्रत्याशी परिवर्तन के पीछे पारिवारिक कारणों को ही वजह बताया है।
अभिषेक बंटी के हटने के बाद बीजेपी ने बदला उम्मीदवार
भाजपा ने पहले अभिषेक कुमार सिन्हा 'बंटी' को उम्मीदवार बनाया था और उन्होंने नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। लेकिन 10 जुलाई को उन्होंने सार्वजनिक रूप से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी।
इसके तुरंत बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई होने के कारण भाजपा ने बिना देरी किए नया चेहरा मैदान में उतार दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले प्रत्याशी बदलने से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ सकता है। हालांकि इसके वास्तविक प्रभाव का पता मतदान और परिणाम के बाद ही चलेगा।
प्रशांत किशोर ने भाजपा पर साधा निशाना
जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर भी बांकीपुर उपचुनाव को लेकर सक्रिय हैं। भाजपा के उम्मीदवार बदलने के बाद उन्होंने पार्टी पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा जनता के मूड को देखते हुए दबाव में आई है। उन्होंने कहा कि पहले अन्य दलों के उम्मीदवार चुनाव मैदान छोड़ते थे, लेकिन अब भाजपा का उम्मीदवार पीछे हट गया। हालांकि यह उनका राजनीतिक बयान है और भाजपा ने इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि भाजपा जैसी बड़ी पार्टी को किसी व्यक्ति से नहीं बल्कि जनता के फैसले से डरना चाहिए। उनके बयान के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है।
राजद ने भी साधा बीजेपी पर निशाना
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी भाजपा के प्रत्याशी बदलने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि भाजपा ने चुनावी स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखती हैं और भाजपा ने इसी कारण उम्मीदवार बदला है। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
राजद और भाजपा के बीच बयानबाजी के चलते बांकीपुर उपचुनाव अब केवल स्थानीय चुनाव नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है।
बांकीपुर सीट क्यों है महत्वपूर्ण?
बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की चर्चित सीटों में शामिल रही है। यह सीट भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई है।
नितिन नवीन लगातार पांच बार इस सीट से विधायक रहे हैं। इससे पहले उनके पिता नवीन किशोर सिन्हा भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में पिछले तीन दशकों से यह सीट भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है।
यही कारण है कि इस बार का उपचुनाव सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जा रहा है।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।
नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। आने वाले दिनों में सभी दलों के प्रचार अभियान तेज होने की संभावना है। चुनाव परिणाम से यह भी स्पष्ट होगा कि प्रत्याशी परिवर्तन का फैसला भाजपा के लिए कितना प्रभावी साबित हुआ और अन्य दलों की रणनीति कितनी सफल रही।
