Bandhan Bank Share Price Crash: शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद 15% टूटा शेयर, जानिए निवेशकों की चिंता की असली वजह

 


शानदार तिमाही नतीजे पेश करने के बावजूद Bandhan Bank के शेयरों में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में बैंक का शेयर करीब 15% तक लुढ़क गया, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक के बेहतर मुनाफे से ज्यादा असर उसके भविष्य को लेकर दिए गए सतर्क अनुमान (Conservative Guidance) का पड़ा है।

एनएसई पर बैंक का शेयर पिछले बंद भाव ₹208.83 से गिरकर शुरुआती कारोबार में ₹177.50 तक पहुंच गया। 10% से अधिक गिरावट के बाद शेयर कूलिंग-ऑफ पीरियड में चला गया, लेकिन इसके बाद भी बिकवाली जारी रही। सुबह करीब 9:51 बजे शेयर लगभग 14% की गिरावट के साथ ₹179.44 पर कारोबार करता दिखाई दिया।

मजबूत तिमाही नतीजों के बाद भी क्यों टूटा शेयर?

बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में शानदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उसका शुद्ध लाभ (PAT) सालाना आधार पर करीब 35% बढ़कर ₹501.66 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में यह ₹371.96 करोड़ था।

इसके अलावा बैंक की ब्याज आय भी बढ़कर ₹5,630.55 करोड़ हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹5,475.61 करोड़ थी। इसके बावजूद निवेशकों ने नतीजों का स्वागत नहीं किया क्योंकि बैंक प्रबंधन ने आने वाले समय के लिए लाभप्रदता को लेकर सतर्क रुख अपनाया।

विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर बाजार केवल मौजूदा नतीजों पर नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रतिक्रिया देता है। यही वजह रही कि अच्छे आंकड़ों के बावजूद शेयर में तेज गिरावट आई।

RoA गाइडेंस और मार्जिन प्रेशर ने बढ़ाई चिंता

बैंक प्रबंधन ने अपनी Return on Assets (RoA) गाइडेंस को पहले के 1.6%–1.8% से घटाकर 1.2%–1.4% कर दिया है। RoA किसी बैंक की लाभ कमाने की क्षमता का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

इसके अलावा बैंक ने माना कि जमा (Deposit) जुटाने की लागत बढ़ने से आने वाले समय में मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।

प्रबंधन ने यह भी कहा कि जमा पर बढ़ती ब्याज दरें, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मानसून से जुड़े जोखिम और तकनीकी निवेश की बढ़ती लागत बैंक के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। इन बयानों ने निवेशकों की उम्मीदों को कमजोर किया और शेयर पर दबाव बढ़ गया।

एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन बाजार ने भविष्य पर लगाया दांव

हालांकि बैंक के लिए कुछ सकारात्मक संकेत भी सामने आए। पहली तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।

बैंक का ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) घटकर 3.15% रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 4.96% था। वहीं कुल खराब ऋण (Bad Loans) भी घटकर ₹4,880.94 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹6,622.63 करोड़ था।

खराब ऋणों के लिए किए जाने वाले प्रावधान (Provision) में भी करीब 40% की कमी आई, जिससे बैंक के मुनाफे को मजबूती मिली। हालांकि बाजार की नजर भविष्य की आय और मार्जिन पर रही, जिसके कारण इन सकारात्मक आंकड़ों का असर शेयर पर नहीं दिखा।

अगर शेयर के पिछले प्रदर्शन पर नजर डालें तो Bandhan Bank का स्टॉक बीते पांच वर्षों में 41% से अधिक कमजोर हुआ है। पिछले तीन वर्षों में इसमें करीब 18% की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि वर्ष 2026 में अब तक इस शेयर ने 24% से अधिक का रिटर्न दिया है। इसके बावजूद पिछले एक महीने में यह लगभग 14% और पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 17% से ज्यादा टूट चुका है।

बुधवार के कारोबार के दौरान बैंक का बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) घटकर लगभग ₹28,596 करोड़ रह गया। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में बैंक के मार्जिन और लाभप्रदता के संकेत निवेशकों की धारणा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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