भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मांधना ने T20 World Cup से पहले टीम की तैयारियों और अपनी ओपनिंग साझेदारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। स्मृति मांधना का मानना है कि आगामी टूर्नामेंट में भारत की सफलता काफी हद तक उनकी और शेफाली वर्मा की मजबूत शुरुआत पर निर्भर करेगी। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन मांधना को भरोसा है कि टीम इस अनुभव से सीखकर विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
भारत ने पिछले साल वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रचा था और अब टीम की नजर टी20 विश्व कप ट्रॉफी पर है। ऐसे में बल्लेबाजी इकाई की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
इंग्लैंड सीरीज में नहीं मिली मजबूत शुरुआत
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में भारत की ओपनिंग जोड़ी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। स्मृति मांधना और शेफाली वर्मा ने तीन मुकाबलों में क्रमशः 19, 27 और 0 रन की साझेदारी की।
इन आंकड़ों से साफ है कि टीम को शुरुआती ओवरों में वह मजबूती नहीं मिली जिसकी जरूरत थी। हालांकि दोनों बल्लेबाजों ने कुछ अच्छे शॉट खेले, लेकिन बड़ी पारियां खेलने में सफल नहीं रहीं।
मांधना ने स्वीकार किया कि ओपनिंग जोड़ी के रूप में वे अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझती हैं और आने वाले दिनों में इस कमी को दूर करने पर काम करेंगी।
विश्व कप से पहले सुधार पर रहेगा फोकस
स्मृति मांधना ने कहा कि सकारात्मक बात यह है कि वह और शेफाली दोनों गेंद को अच्छी तरह टाइम कर रही हैं। हालांकि रन बड़े स्कोर में तब्दील नहीं हो पाए।
उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी नेट्स में लौटकर अपनी कमियों पर काम करेंगी और विश्व कप में पहले से ज्यादा मजबूत ओपनिंग जोड़ी के रूप में उतरने का प्रयास करेंगी।
मांधना के मुताबिक, टीम को अच्छी शुरुआत देना और शुरुआती लय बनाना हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है। इंग्लैंड सीरीज में यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया, लेकिन इससे सीखने का मौका जरूर मिला।
आंकड़े क्या बताते हैं?
इंग्लैंड सीरीज में स्मृति मांधना का औसत सिर्फ 13.33 रहा। उनका सर्वोच्च स्कोर 32 रन था। दूसरी ओर शेफाली वर्मा का औसत 11.66 रहा।
हालांकि स्ट्राइक रेट के मामले में शेफाली ने प्रभावित किया। उनका स्ट्राइक रेट 152.17 रहा, जबकि मांधना का स्ट्राइक रेट 114.28 दर्ज किया गया।
ब्रिस्टल में खेले गए दूसरे मुकाबले में दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक शुरुआत देने की कोशिश की थी। मांधना ने 32 और शेफाली ने 22 रन बनाए, लेकिन टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी।
यास्तिका भाटिया बनीं सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू
सीरीज में भारत के लिए सबसे अच्छी खबर यास्तिका भाटिया की शानदार वापसी रही। चोट के बाद टीम में लौटी यास्तिका ने पूरे सीरीज में बेहतरीन बल्लेबाजी की।
उन्होंने 119 रन बनाए और दोनों टीमों की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज रहीं। उनके बल्ले से एक अर्धशतक भी निकला।
यास्तिका की फॉर्म ने भारतीय टीम प्रबंधन को विश्व कप से पहले राहत जरूर दी है।
हरमनप्रीत की पारी ने बढ़ाया आत्मविश्वास
निर्णायक मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों में नाबाद 56 रन बनाए।
उनकी पारी की बदौलत भारत ने 180 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। हालांकि इंग्लैंड ने लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया।
मांधना ने हरमनप्रीत की तारीफ करते हुए कहा कि जब कप्तान अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में होती हैं तो उन्हें बल्लेबाजी करते देखना बेहद खास होता है। उन्होंने दबाव की स्थिति में टीम के लिए अहम योगदान दिया।
गेंदबाजी में भी सीखने का मौका
181 रन के लक्ष्य का बचाव करते हुए भारतीय गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की थी। इंग्लैंड को सिर्फ 38 रन पर तीन विकेट गंवाने पड़े थे।
इसके बाद एलिस कैप्सी और हीदर नाइट ने चौथे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी कर मैच का रुख बदल दिया।
मांधना ने माना कि भारतीय गेंदबाज कुछ और डॉट गेंदें डालकर दबाव बना सकती थीं। हालांकि उन्होंने इंग्लैंड की बल्लेबाजों को भी श्रेय दिया, जिन्होंने मुश्किल हालात में बेहतरीन बल्लेबाजी की।
पाकिस्तान मुकाबले पर क्या बोलीं मांधना?
भारत अपना पहला टी20 विश्व कप मुकाबला 14 जून को पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगा। यह मैच बर्मिंघम में आयोजित होगा और इसे टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में गिना जा रहा है।
मांधना ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैच को किसी अतिरिक्त प्रचार की जरूरत नहीं होती। यह मुकाबला हमेशा दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र रहता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसक स्टेडियम पहुंचेंगे और टीम को समर्थन देंगे।
विश्व कप से पहले भारत की तैयारी
टी20 विश्व कप शुरू होने से पहले भारतीय टीम दो अभ्यास मैच खेलेगी। पहला मुकाबला 8 जून को वेस्टइंडीज और दूसरा 10 जून को इंग्लैंड के खिलाफ होगा।
टीम ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स जैसी मजबूत टीमों के साथ मौजूद है।
भारतीय टीम का लक्ष्य इस बार पहली बार महिला टी20 विश्व कप ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचना होगा।
