फ्लाइट लेट हुई तो बदल गई किस्मत, हर्ष दुबे का टीम इंडिया तक पहुंचने का प्रेरक सफर

 



भारतीय क्रिकेट में इन दिनों हर्ष दुबे का नाम तेजी से चर्चा में है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले हर्ष दुबे को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज और एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। दिलचस्प बात यह है कि उनके चयन की खबर उन्हें किसी औपचारिक संदेश से नहीं, बल्कि फ्लाइट में हुई देरी के दौरान मिली। एक घंटे की देरी ने उनके जीवन का ऐसा अध्याय खोल दिया, जिसका सपना वह वर्षों से देख रहे थे।

नागपुर के मैदानों से शुरू हुआ यह सफर अब भारतीय टीम की ब्लू जर्सी तक पहुंच चुका है। संघर्ष, मेहनत और धैर्य की यह कहानी आज हजारों युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बन रही है।

फ्लाइट की देरी बनी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट

19 मई की शाम हर्ष दुबे सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ियों के साथ चेन्नई से हैदराबाद लौटने की तैयारी कर रहे थे। फ्लाइट एक घंटे लेट थी और खिलाड़ी एयरपोर्ट लाउंज में इंतजार कर रहे थे।

इसी दौरान हर्ष के फोन पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। उनसे पूछा गया कि भारतीय टीम में चयन होने पर उन्हें कैसा लग रहा है। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह बात इंडिया-ए टीम के चयन को लेकर हो रही है।

उन्होंने सामान्य रूप से जवाब दिया, लेकिन कुछ ही मिनट बाद वरिष्ठ पत्रकारों और परिचितों के संदेश आने लगे। तभी उन्हें एहसास हुआ कि उनका चयन सीधे भारतीय सीनियर टीम में हुआ है।

हर्ष के मुताबिक, जब उन्होंने लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना नाम सुना तो कुछ मिनट तक उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि उनका सपना सच हो गया है।

परिवार के लिए भावुक कर देने वाला पल

टीम इंडिया में चयन की खबर सिर्फ हर्ष के लिए नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार के लिए बेहद भावुक क्षण थी।

शुरुआत में उनके पिता को भी लगा कि चयन इंडिया-ए टीम के लिए हुआ है। लेकिन जैसे ही पूरी जानकारी सामने आई, खुशी के आंसू निकल पड़े।

हर्ष बताते हैं कि उनके पिता वीडियो कॉल पर कुछ बोल नहीं पा रहे थे। वहीं उनकी मां बार-बार यह सुनिश्चित करना चाहती थीं कि वास्तव में उनका नाम भारतीय टीम में शामिल हो गया है।

यह पल वर्षों के संघर्ष और त्याग का परिणाम था।

रणजी टीम से बाहर होने के बाद नहीं मानी हार

आज भले ही हर्ष दुबे भारतीय टीम तक पहुंच गए हों, लेकिन उनका सफर आसान नहीं रहा।

कुछ साल पहले उन्हें रणजी टीम से बाहर कर दिया गया था। यह किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ा झटका हो सकता था, लेकिन उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया।

इसके बाद उन्होंने अंडर-23 टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और सेमीफाइनल मुकाबले में सात विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का दमदार परिचय दिया।

यहीं से उनके करियर ने नया मोड़ लेना शुरू किया।

अश्विन की सलाह ने बदल दी दिशा

हर्ष दुबे के क्रिकेट करियर में अनुभवी स्पिनर Ravichandran Ashwin की भूमिका भी बेहद अहम रही।

राजस्थान रॉयल्स के नेट बॉलर रजनीश गुरबानी ने अश्विन को हर्ष के बारे में बताया। इसके बाद अश्विन ने उनके गेंदबाजी वीडियो देखे और उन्हें चेन्नई लीग में खेलने का मौका दिया।

चेन्नई में खेलते हुए हर्ष ने गेंदबाजी की बारीकियां सीखीं। खासकर क्रीज का इस्तेमाल, लाइन-लेंथ और गति में बदलाव जैसी तकनीकों पर उन्होंने काफी काम किया।

इन सुधारों का असर जल्द ही उनके प्रदर्शन में दिखाई देने लगा।

घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड प्रदर्शन

2024-25 का घरेलू सीजन हर्ष दुबे के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।

विदर्भ की ओर से खेलते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्ड 69 विकेट लिए। इसके अलावा बल्ले से भी 469 रन बनाकर ऑलराउंडर की भूमिका शानदार तरीके से निभाई।

उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें भारतीय क्रिकेट के भविष्य के रूप में देखा जाने लगा।

इसके बाद उनकी कप्तानी में विदर्भ ने विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब भी अपने नाम किया।

रवींद्र जडेजा से लेते हैं प्रेरणा

हर्ष दुबे कई बार स्वीकार कर चुके हैं कि उनकी क्रिकेट यात्रा में सबसे बड़ी प्रेरणा Ravindra Jadeja रहे हैं।

बचपन से उन्होंने जडेजा की गेंदबाजी को करीब से देखा और उसी शैली से सीखने की कोशिश की।

हालांकि जब उन्हें जडेजा का संभावित उत्तराधिकारी कहा जाता है, तो वह बेहद संतुलित प्रतिक्रिया देते हैं। उनका मानना है कि जडेजा जैसे महान खिलाड़ी की तुलना किसी से करना आसान नहीं है।

उनका फोकस सिर्फ टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने पर है।

गौतम गंभीर, विराट और रोहित के साथ खेलने का सपना

भारतीय टीम में चयन के बाद हर्ष अब नए हेड कोच Gautam Gambhir के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं।

उन्होंने कहा कि 2011 विश्व कप फाइनल में गंभीर की पारी आज भी उन्हें प्रेरित करती है। ऐसे दिग्गज के साथ एक ही ड्रेसिंग रूम साझा करना उनके लिए विशेष अनुभव होगा।

इसके अलावा उन्हें Virat Kohli और Rohit Sharma जैसे खिलाड़ियों के साथ खेलने का अवसर भी मिलेगा।

हर्ष ने बताया कि विराट कोहली उनके आईपीएल करियर के दूसरे विकेट थे। अब उसी खिलाड़ी के साथ एक ही टीम में खेलना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है।

चयनकर्ताओं के भरोसे पर खरा उतरना चाहते हैं

भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar ने हर्ष को भविष्य का ऑल-फॉर्मेट स्पिन बॉलिंग ऑलराउंडर बताया है।

हालांकि हर्ष इस प्रशंसा को लेकर ज्यादा उत्साहित होने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहते हैं।

उनका कहना है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे मैदान पर अच्छे प्रदर्शन में बदलना ही उनकी पहली प्राथमिकता है।

अब शुरू होगी असली परीक्षा

भारतीय टीम 1 जून को चंडीगढ़ में एकत्रित हो चुकी है। अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाला टेस्ट मैच हर्ष दुबे के अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत का मंच बन सकता है।

एक किसान परिवार के बेटे से लेकर घरेलू क्रिकेट के सितारे और अब टीम इंडिया तक का सफर बताता है कि प्रतिभा के साथ धैर्य और मेहनत हो तो मंजिल जरूर मिलती है।

हर्ष दुबे की कहानी सिर्फ क्रिकेट की सफलता नहीं, बल्कि सपनों को सच करने के जज्बे की मिसाल भी है।

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