संजय झा ने की निशांत कुमार के काम की तारीफ, बोले- स्वास्थ्य मंत्री कम बोलते हैं, काम ज्यादा करते हैं


 बिहार की राजनीति में संजय झा का ताजा बयान चर्चा का विषय बना हुआ है। संजय झा ने शुक्रवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के कामकाज की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार कम बोलते हैं, लेकिन उनके काम का असर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में साफ दिखाई देता है। साथ ही उन्होंने भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले और बिहार में सुशासन को लेकर भी सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। संजय झा ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा जताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को जिला और प्रखंड स्तर तक मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर दिया जोर

संजय झा ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का पूरा ध्यान राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर है। उनका प्रयास है कि हर जिले और हर प्रखंड में ऐसी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे लोगों को इलाज के लिए राजधानी पटना का रुख न करना पड़े। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण इलाज और विशेषज्ञों की सलाह मिलनी चाहिए। सरकार इसी उद्देश्य के साथ स्वास्थ्य ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। संजय झा के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, अस्पतालों के विकास और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सरकार का रुख

भोजपुर के बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी संजय झा ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच न्यायिक आयोग द्वारा शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि आयोग अपनी रिपोर्ट तथ्यों के आधार पर तैयार करेगा और रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संजय झा ने विपक्षी दलों से भी अपील की कि इस संवेदनशील मामले पर राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए। उनके अनुसार जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

सुशासन और कानून-व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता

जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार की पहली प्राथमिकता सुशासन कायम रखना है। सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। संजय झा ने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य

संजय झा के अनुसार सरकार की कोशिश है कि स्वास्थ्य, प्रशासन और कानून-व्यवस्था जैसी मूलभूत सेवाएं राज्य के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचें। उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिला और प्रखंड स्तर पर मजबूत अस्पताल और पर्याप्त चिकित्सा संसाधन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में और सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

क्या हैं इस बयान के राजनीतिक मायने?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय झा का यह बयान सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को सामने रखने का प्रयास माना जा सकता है। हालांकि भरत तिवारी एनकाउंटर जैसे संवेदनशील मामले पर उन्होंने न्यायिक जांच का हवाला देकर यह संकेत दिया कि सरकार रिपोर्ट आने के बाद ही आगे का फैसला करेगी। फिलहाल सरकार का फोकस स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सुशासन के दावों को मजबूत करने पर नजर आ रहा है।

Next Post Previous Post
हमसे जुड़ें
1