
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सख्त संदेश सामने आया है। कैमूर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने अपराधियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सम्राट चौधरी सरकार अपराध के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है और यदि कोई अपराधी कानून को चुनौती देगा तो पुलिस 48 घंटे के भीतर जवाबी कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपराध की राह पर चलने वालों को पहले ही समझाया जाए कि वे बिहार छोड़ दें। अगर इसके बावजूद कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसे सरकार और पुलिस की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
अपराधियों को बिहार छोड़ने की नसीहत
कैमूर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अपराधियों को पहले दिन ही चेतावनी दी जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अपराधी बिहार में रहकर अपराध करने का प्रयास करता है तो यह सीधे तौर पर कानून और व्यवस्था को चुनौती देने जैसा होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसी स्थिति में पुलिस को 48 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दे सकती क्योंकि जनता ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार को सौंपी है। उन्होंने कहा कि बिहार को अपराधमुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
जनता को दिया सुरक्षा का भरोसा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्राट चौधरी ने कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं उन्हें किसी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। वहीं अपराध करने वालों के लिए बिहार में भविष्य आसान नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षकों के लिए सरकार का बड़ा संदेश
सहयोग शिविर यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि महिला शिक्षकों की पोस्टिंग उनके नजदीकी पंचायतों में और पुरुष शिक्षकों की पोस्टिंग नजदीकी प्रखंडों में करने का निर्देश दिया गया है। इससे शिक्षकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और वे बेहतर ढंग से अपने कार्यों का निर्वहन कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुविधाओं के साथ जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। सरकार शिक्षकों को हर संभव सहयोग देगी, लेकिन स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी होगी।
शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को पढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को समझती है और उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला होने के कारण शिक्षा की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस बयान को शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
मुंडेश्वरी धाम को मिलेगा फोरलेन कनेक्टिविटी
कैमूर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मुंडेश्वरी धाम को बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे से फोरलेन सड़क के माध्यम से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि हेलीकॉप्टर से यात्रा के दौरान उन्होंने एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य की प्रगति देखी। इसके बाद उन्होंने मुंडेश्वरी धाम को बेहतर सड़क संपर्क देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से देशभर के श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
रोपवे परियोजना पर भी दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने मुंडेश्वरी धाम में प्रस्तावित रोपवे परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह परियोजना शुरू नहीं हो सकी है, लेकिन सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्थानीय लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद रोपवे निर्माण के शिलान्यास का प्रयास किया जाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुंडेश्वरी धाम को विकसित पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।