राबड़ी देवी आवास विवाद को लेकर पिछले एक महीने से बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा बनी हुई थी। अब राबड़ी देवी आवास विवाद में नया मोड़ आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने पर सहमति जता दी है। हालांकि नए आवास में शिफ्ट होने से पहले उन्होंने अपने पति और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए कुछ विशेष सुविधाओं की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार द्वारा उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया गया है। राबड़ी देवी ने भवन निर्माण विभाग को पत्र लिखकर रैंप, लिफ्ट और सुरक्षाकर्मियों के लिए आउट हाउस की व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
राबड़ी देवी ने क्यों रखी विशेष सुविधाओं की मांग?
राबड़ी देवी ने विभाग को भेजे पत्र में कहा है कि लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। किडनी संबंधी बीमारी के कारण उन्हें सीढ़ियां चढ़ने और उतरने में कठिनाई होती है।
इसी वजह से नए आवास में रैंप और लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुरक्षाकर्मियों के लिए अलग आउट हाउस बनाने की भी मांग की गई है।
नए आवास में निर्माण कार्य शुरू
भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी की मांगों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर आवश्यक निर्माण कार्य आरंभ हो चुका है।
सूत्रों के अनुसार, रैंप, लिफ्ट और अन्य जरूरी सुविधाओं का काम पूरा होने के बाद राबड़ी देवी अपने परिवार के साथ नए बंगले में शिफ्ट हो जाएंगी। उन्होंने विभाग से यह भी अनुरोध किया है कि निर्माण कार्य पूरा होने तक उन्हें 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास में रहने दिया जाए।
नोटिस के बाद बदला रुख
30 मई को दिल्ली से पटना लौटने के बाद राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह 10 सर्कुलर रोड का आवास खाली नहीं करेंगी। उन्होंने यहां तक कहा था कि सरकार चाहे तो बल प्रयोग कर सकती है।
इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली। लेकिन बाद में लगातार नोटिस मिलने के बाद उन्होंने आवास बदलने का फैसला कर लिया।
भवन निर्माण विभाग ने 9 जून को चौथी बार पत्र भेजकर आवास खाली करने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में राबड़ी देवी ने नए आवास में जाने की सहमति दे दी।
एक महीने से राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है मामला
10 सर्कुलर रोड का मुद्दा बिहार की राजनीति में पिछले कई सप्ताह से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लालू यादव और राबड़ी देवी करीब दो दशक से अधिक समय से इस सरकारी आवास में रह रहे हैं।
सरकार द्वारा आवास परिवर्तन के आदेश के बाद विपक्ष ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे नियमों के अनुपालन का मामला बताया। इसी वजह से यह विवाद लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बना रहा।
डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने क्या कहा?
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राबड़ी देवी की ओर से रखी गई मांगों पर सरकार नियमानुसार विचार करेगी।
उन्होंने कहा कि जब मामला सरकार के समक्ष आएगा तो नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। सरकार सभी मामलों में निर्धारित नियमों का पालन करती है।
कब-कब भेजा गया नोटिस?
नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने विधानसभा चुनाव के बाद नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड का बंगला आवंटित किया था।
- 15 दिसंबर 2025 को पहला नोटिस जारी किया गया।
- 17 अप्रैल 2026 को दूसरा नोटिस भेजा गया।
- 29 मई 2026 को तीसरा नोटिस जारी हुआ।
- 9 जून 2026 को चौथा पत्र भेजा गया।
इस बीच 27 मई 2026 को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद आवास खाली कराने की प्रक्रिया और तेज हो गई।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें 39 हार्डिंग रोड स्थित नए सरकारी आवास में चल रहे निर्माण कार्य पर हैं। यदि विभाग जल्द काम पूरा कर देता है तो लालू परिवार करीब दो दशक बाद 10 सर्कुलर रोड छोड़कर नए पते पर शिफ्ट हो सकता है।
यह बदलाव केवल आवास परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे एक विवाद का भी अंत माना जा रहा है।
