राबड़ी देवी ने बताई बंगला खाली नहीं करने की वजह, बिहार सरकार को लिखा पत्र, मांगी मोहलत


बिहार में राबड़ी आवास विवाद एक बार फिर चर्चा में है। राबड़ी आवास विवाद उस समय नया मोड़ ले गया जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बिहार सरकार को पत्र लिखकर सरकारी बंगला खाली नहीं करने के पीछे की वजह बताई। भवन निर्माण विभाग की ओर से मिले 15 दिनों के नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद सरकार को उनके अंतिम फैसले का इंतजार था। इसी बीच राबड़ी देवी के पत्र ने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। राबड़ी देवी ने अपने पत्र में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए विशेष परिस्थितियों का उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार लालू प्रसाद को संक्रमण से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की आवश्यकता है।

लालू प्रसाद के स्वास्थ्य का दिया हवाला

राबड़ी देवी ने बिहार सरकार को भेजे गए पत्र में बताया कि लालू प्रसाद यादव की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनके अनुसार लालू प्रसाद को संक्रमण का खतरा बना रहता है, इसलिए वर्तमान आवास में उनके लिए अलग और विशेष कमरे की व्यवस्था की गई है। पत्र में यह भी कहा गया है कि ऐसी सुविधाएं नए आवंटित सरकारी आवास में भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किए बिना स्थानांतरण करना उचित नहीं होगा।

नए बंगले में मांगी विशेष सुविधाएं

राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि नए बंगले में भी उसी प्रकार की व्यवस्था की जाए जैसी वर्तमान आवास में मौजूद है। पत्र में विशेष कमरों, स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं और आवश्यक संरचनात्मक बदलावों का उल्लेख किया गया है। राबड़ी देवी ने स्पष्ट किया कि नए बंगले का रिनोवेशन और आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद वे वहां शिफ्ट होने के लिए तैयार हैं। इस मांग के बाद अब सरकार के सामने यह फैसला लेने की चुनौती है कि वह इन अनुरोधों पर क्या रुख अपनाती है।

15 दिन का नोटिस पूरा, अब सरकार के फैसले पर नजर

भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का नोटिस जारी किया था। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इससे पहले सांसद मीसा भारती ने भी सार्वजनिक रूप से कहा था कि लालू परिवार सरकारी बंगला खाली कर देगा। इसी वजह से नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद सरकार को परिवार के अगले कदम का इंतजार था। अब राबड़ी देवी के पत्र के सामने आने के बाद मामला केवल आवास खाली करने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्वास्थ्य और सुविधाओं से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा होने लगी है।

कौटिल्य नगर बंगले को लेकर भी हुई थी चर्चा

कुछ समय पहले राबड़ी देवी कौटिल्य नगर स्थित एक बंगले का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई थी कि लालू परिवार संभवतः वहीं शिफ्ट हो सकता है। हालांकि बाद में 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर भी चर्चा सामने आई। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंतिम रूप से परिवार किस आवास में स्थानांतरित होगा। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सरकार और राबड़ी देवी के बीच बातचीत के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

आगे क्या हो सकता है?

फिलहाल पूरा मामला बिहार सरकार के फैसले पर टिका हुआ है। यदि सरकार राबड़ी देवी की मांगों को स्वीकार करती है तो नए आवास में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। दूसरी ओर, यदि प्रशासन निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ता है तो आवास खाली करने की प्रक्रिया को लेकर नया घटनाक्रम सामने आ सकता है। इस बीच राबड़ी देवी का पत्र इस विवाद में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया आयाम दे दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस अनुरोध पर क्या निर्णय लेती है और लालू परिवार आखिरकार किस सरकारी आवास में शिफ्ट होता है।




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