
राबड़ी देवी कंगन विवाद अब बिहार की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है। राबड़ी देवी कंगन विवाद को लेकर सत्ताधारी और विपक्षी दल आमने-सामने आ गए हैं। लोक गायक छोटू छलिया को कार्यक्रम के दौरान कंगन भेंट करने के बाद शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया है। जहां JDU इस पूरे प्रकरण की जांच की मांग कर रही है, वहीं RJD इसे बेवजह का विवाद बता रही है। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी के इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होती और राबड़ी देवी आमतौर पर डायमंड ज्वेलरी नहीं पहनती हैं।
RJD का पलटवार, JDU पर लगाए ध्यान भटकाने के आरोप
सुनील सिंह ने कहा कि JDU नेताओं के पास जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर बात करने के लिए कुछ नहीं बचा है। इसलिए वे कंगन विवाद को राजनीतिक रंग देने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में भ्रष्टाचार, गरीबी और अपराध जैसे कई बड़े मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन सरकार इन विषयों पर जवाब देने के बजाय दूसरे मामलों को उछाल रही है। उनके अनुसार, कंगन को लेकर बनाया जा रहा विवाद वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने का प्रयास है। सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी जेब में रखा पेन और गले की चेन दिखाते हुए कहा कि केवल चमक देखकर किसी वस्तु को सोना या हीरा नहीं कहा जा सकता।
छोटू छलिया को लेकर भी दिया बड़ा बयान
राजद नेता ने लोक गायक छोटू छलिया के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छोटू छलिया एक संघर्षरत कलाकार हैं और उनकी लोकप्रियता भोजपुरी के बड़े सितारों जैसी नहीं है। सुनील सिंह ने कहा कि छोटू छलिया न तो पवन सिंह हैं और न ही खेसारी लाल यादव। उनके मुताबिक कलाकार कई बार सम्मान मिलने पर भावुक होकर ऐसी बातें कह देते हैं जिससे मामला बड़ा बन जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटू छलिया आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और संभव है कि उन्होंने सम्मान की भावना में कंगन को लेकर बड़ी बात कह दी हो।
लालू यादव के जन्मदिन कार्यक्रम में हुआ था पूरा घटनाक्रम
गुरुवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव का 79वां जन्मदिन पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास पर मनाया गया था। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में चैता गीत, लोक संगीत और पारंपरिक लोक नृत्य की प्रस्तुतियां हुईं। इसी दौरान लोक गायक छोटू छलिया ने तेजस्वी यादव के पुत्र इराज लालू यादव को लेकर सोहर गीत प्रस्तुत किया। गीत से प्रभावित होकर राबड़ी देवी ने अपने हाथ में पहने कंगन उतारकर कलाकार को भेंट कर दिए। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर इस सम्मान का स्वागत किया।
कंगन मिलने के बाद क्या बोले थे छोटू छलिया?
कंगन मिलने के बाद छोटू छलिया ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उन्हें राबड़ी देवी ने हीरे के कंगन भेंट किए हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया था। गायक ने कहा था कि उन्होंने कहानियों में सुना था कि पुराने समय में राजा-रानी कलाकारों को खुश होकर अपने गहने भेंट कर देते थे। उनके अनुसार उन्होंने पहली बार ऐसा दृश्य वास्तविक जीवन में देखा। छोटू छलिया ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की तुलना आधुनिक दौर के राजा-रानी से भी की थी, जिसके बाद यह बयान चर्चा का विषय बन गया।
JDU ने उठाए कई सवाल, ED जांच की मांग
छोटू छलिया के बयान के बाद JDU ने पूरे मामले पर सवाल खड़े किए। पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यदि कंगन वास्तव में हीरे का है तो उसकी खरीद से जुड़े दस्तावेज और रसीद सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी पूछा कि कलाकार को पहले दिए गए सोने की चेन और अंगूठियों का विवरण भी सामने आना चाहिए। JDU का कहना है कि मामले में पारदर्शिता जरूरी है। नीरज कुमार ने ED जांच की मांग करते हुए कहा कि यह भी जांच होनी चाहिए कि गहनों की खरीद में सभी करों और GST का भुगतान नियमों के अनुसार किया गया था या नहीं। उन्होंने कलाकार को संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह भी दी।
विवाद पर आगे क्या?
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। एक तरफ RJD इसे सम्मान और भावनात्मक क्षण बता रही है, जबकि दूसरी ओर JDU वित्तीय और कानूनी पहलुओं की जांच की मांग कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और चर्चा बटोर सकता है।