खान सर फायरिंग केस में नहीं आया फैसला, बॉडीगार्ड्स की बेल और रौशन आनंद की जमानत पर सोमवार को सुनवाई


पटना:
खान सर फायरिंग केस से जुड़े दो अहम मामलों पर शुक्रवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। खान सर फायरिंग केस में एक ओर ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की जमानत याचिका पर विचार होना था, जबकि दूसरी ओर खान सर फायरिंग केस में गिरफ्तार दोनों निजी सुरक्षा गार्डों की बेल याचिका पर भी अदालत ने सुनवाई की। हालांकि दोनों मामलों में शुक्रवार को कोई अंतिम आदेश नहीं आ सका। अब इन मामलों की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

रौशन आनंद की जमानत पर नहीं हो सकी बहस

ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। बाद में यह मामला ट्रांसफर होकर एडीजे-33 की अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष की ओर से बहस नहीं की गई। उनके अधिवक्ता ने अदालत में टाइम पीटिशन दाखिल कर अतिरिक्त समय की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली तारीख सोमवार निर्धारित कर दी। इस वजह से रौशन आनंद की जमानत पर कोई निर्णय नहीं हो सका और अब सभी की नजरें सोमवार की सुनवाई पर टिकी हैं।

खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों की बेल पर फैसला सुरक्षित

मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अनुराग वर्मा की अदालत में खान सर के दोनों निजी सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। जानकारी के अनुसार, एक पक्ष के वकील की तबीयत अचानक खराब होने के कारण समय मांगा गया था। अब उम्मीद की जा रही है कि सोमवार को इस मामले में अदालत अपना फैसला सुना सकती है।

खान सर को पहले ही मिल चुकी है बड़ी राहत

इस मामले में आरोपी बनाए गए फैसल खान उर्फ खान सर को पहले ही अदालत से राहत मिल चुकी है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा रखी है। अदालत की ओर से ‘नो कोर्सिव एक्शन’ (No Coercive Action) का आदेश जारी किया गया है। इसका अर्थ है कि अगली सुनवाई या अदालत के अगले आदेश तक उनके खिलाफ कोई कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह राहत मिलने के बाद खान सर को तत्काल गिरफ्तारी के खतरे से राहत मिली हुई है।

वकील ने कहा- खान सर की प्रत्यक्ष भूमिका नहीं

खान सर के अधिवक्ता अरविंद कुमार मऊआर ने अदालत में दावा किया कि पूरे प्रकरण में खान सर की कोई प्रत्यक्ष भूमिका सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि जिन आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है, वे सुरक्षा गार्डों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हवाई फायरिंग से संबंधित धारा जमानती प्रकृति की है। वकील के मुताबिक, मामले को वास्तविक घटनाक्रम से अधिक गंभीर रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने अदालत के सामने यह भी तर्क रखा कि उपलब्ध साक्ष्यों में खान सर की सीधी संलिप्तता स्थापित नहीं होती है।

वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर

बचाव पक्ष के अनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। वकील का दावा है कि शुरुआती स्तर पर खान सर का नाम प्राथमिकी में नहीं था और बाद में उन्हें मामले से जोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तार सुरक्षा गार्डों ने कहीं यह नहीं बताया कि उन्होंने किसी निर्देश पर फायरिंग की थी। हालांकि इस मामले में अंतिम सत्य और जिम्मेदारी का निर्धारण अदालत की सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

2 जून को कोचिंग सेंटर में हुआ था विवाद

पूरे मामले की शुरुआत 2 जून को हुई थी। उस दिन पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज परिसर में हंगामा, पथराव, मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई थी। घटना के बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। पहली एफआईआर में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। वहीं दूसरी प्राथमिकी सोशल मीडिया पर वायरल फायरिंग वीडियो के आधार पर दर्ज की गई थी। इसी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

सोमवार की सुनवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल दोनों मामलों में अदालत का अंतिम निर्णय आना बाकी है। रौशन आनंद की जमानत और सुरक्षा गार्डों की बेल याचिका पर सोमवार को होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले आदेशों के बाद जांच और मुकदमे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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