
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। CM सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार से बिहार के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की विशेष सहायता देने का अनुरोध किया। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास, खेल, पर्यटन और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है और इन योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र का सहयोग आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। बैठक के दौरान बिहार सरकार ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप अपनी विकास योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
हर घर नल का जल योजना के लिए मांगी सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार ने हर घर नल का जल कार्यक्रम में बड़े पैमाने पर निवेश कर जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ कारणों से केंद्र से मिलने वाली राशि राज्य को नहीं मिल सकी। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता और वर्तमान में संचालित योजनाओं के लिए 5 हजार करोड़ रुपये की मांग की है।
शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर सरकार का फोकस
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रारंभिक शिक्षा और बाल विकास क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में स्वीकृत 11,529 सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसके अलावा 8,400 आंगनबाड़ी केंद्रों को नजदीकी स्कूलों से जोड़ा गया है। वहीं 34,682 केंद्रों को 500 मीटर की दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालयों से संबद्ध किया गया है ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
कौशल विकास और उच्च शिक्षा के लिए विशेष प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास परियोजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपये और जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के विकास हेतु 1,500 करोड़ रुपये की सहायता का अनुरोध किया। उन्होंने बिहार में भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) की क्षेत्रीय शाखाएं स्थापित करने के लिए भी केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब का भी उल्लेख किया गया। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण मिलने में मदद मिलेगी।
खेलों के बड़े आयोजनों की मेजबानी की तैयारी
बिहार सरकार ने आने वाले वर्षों में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की इच्छा भी जताई है। राज्य ने वर्ष 2028 में नेशनल यूथ गेम्स, 2030 में हॉकी विश्व कप और 2031 में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग मांगा है। सरकार का मानना है कि इससे खेल अवसंरचना के साथ-साथ युवाओं को भी नए अवसर मिलेंगे।
पर्यटन और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर
पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर तथा राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया ताकि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिल सके।
डिजिटल शिक्षा और किसानों के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 76,202 सरकारी स्कूलों में से 91 प्रतिशत स्कूल इंटरनेट सुविधा से जुड़े हुए हैं। वहीं 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं। बालिका विद्यालयों में शत-प्रतिशत शौचालय सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा स्कूल छोड़ चुके 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को बिहार ओपन स्कूल बोर्ड के माध्यम से फिर से शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य में सबट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर संस्थान, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
बिहार के विकास रोडमैप पर केंद्र का सहयोग अहम
नीति आयोग की बैठक में बिहार सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य शिक्षा, कौशल विकास, कृषि, खेल और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब नजर केंद्र सरकार के फैसले पर रहेगी कि बिहार की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं को कितना वित्तीय सहयोग मिलता है।