मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: जुलाई में 20 लाख महिलाओं को मिलेंगे 20-20 हजार रुपये


बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जुलाई महीने से दूसरी किस्त जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार इस चरण में 20 लाख महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे 20-20 हजार रुपये भेजेगी। इसके अलावा पहली किस्त से वंचित रह गई महिलाओं को भी 10-10 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया में आयोजित एक जनसभा के दौरान इस योजना को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और दूसरी किस्त का वितरण जल्द शुरू होगा।

जुलाई में खातों में आएंगे 20-20 हजार रुपये

सरकार के अनुसार, जीविका से जुड़ी लाखों महिलाओं को पहले चरण में 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने में मदद करना था। अब उन महिलाओं की पहचान की गई है जिन्होंने पहली किस्त का उपयोग कर अपना रोजगार शुरू किया और बेहतर प्रदर्शन किया। ऐसी करीब 20 लाख महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए जाएंगे, ताकि वे अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकें। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

पहली किस्त से छूटी महिलाओं को भी मिलेगा लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी कारणवश पहली किस्त का लाभ नहीं ले सकीं महिलाओं को भी निराश होने की जरूरत नहीं है। ऐसी पात्र महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की पहली किस्त भेजी जाएगी। इससे अधिक से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिल सकेगा और ग्रामीण स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में हो सकता है कार्यक्रम

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार जुलाई में एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। कोशिश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे के दौरान ही राशि हस्तांतरण का आयोजन किया जाए। योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातों में मंच से ही राशि भेजी जा सकती है। इससे कार्यक्रम को विशेष महत्व मिलने की संभावना है।

पिछले साल शुरू हुई थी योजना

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव से पहले की गई थी। 26 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना का शुभारंभ किया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है।

1.81 करोड़ जीविका दीदियों को मिला था पहला लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार की लगभग 1.81 करोड़ जीविका दीदियों को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। इस सहायता राशि का उपयोग महिलाओं ने डेयरी, पशुपालन, सिलाई, किराना दुकान, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू करने में किया। सरकार अब इन प्रयासों को अगले स्तर तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है।

भविष्य में 2 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान

योजना के नियमों के अनुसार, महिलाओं को शुरुआत में 10 हजार रुपये देकर रोजगार शुरू करने का अवसर दिया गया था। इसके बाद छह महीने के भीतर उनके कामकाज की समीक्षा की जानी थी। यदि किसी महिला का स्वरोजगार सफल पाया जाता है तो उसे कारोबार विस्तार के लिए चरणबद्ध तरीके से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा सकती है। जुलाई में मिलने वाली 20 हजार रुपये की दूसरी किस्त इसी प्रक्रिया का हिस्सा मानी जा रही है।

महिलाओं की आर्थिक मजबूती पर सरकार का फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनाना भी है। दूसरी किस्त जारी होने के बाद लाखों महिलाओं को अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। 

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