सुरक्षा हटते ही राबड़ी आवास पर डटे कार्यकर्ता, लालू ने भरा जोश


 

राबड़ी आवास के बाहर इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटना स्थित राबड़ी आवास का नजारा पिछले कुछ दिनों में पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी नजर आते थे, वहीं अब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता पहरेदारी करते दिखाई दे रहे हैं। लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव द्वारा सुरक्षा वापस किए जाने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा संभाल लिया है।

भीषण गर्मी के बावजूद कार्यकर्ता शिफ्ट के आधार पर 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास के बाहर डटे हुए हैं। पार्टी की ओर से उनके ठहरने और भोजन की भी व्यवस्था की गई है। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है।

सुरक्षा हटने के बाद बदला राबड़ी आवास का माहौल

राबड़ी देवी के सरकारी आवास के बाहर पहले सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी आम बात थी। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है।

सुरक्षा वापस किए जाने के बाद राजद कार्यकर्ता स्वयं आवास की निगरानी कर रहे हैं। आवास के बाहर अस्थायी व्यवस्था की गई है, जहां कार्यकर्ता दिन-रात मौजूद रह रहे हैं।

रविवार को लगातार दूसरे दिन भी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते दिखाई दिए। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।

लालू यादव ने वीडियो कॉल पर दिया संदेश

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव फिलहाल पटना में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं से संपर्क बनाए रखा है।

रविवार शाम उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए आवास के बाहर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत बनाए रखने और एकजुटता पर जोर दिया।

लालू यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में एकजुट रहें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके इस संदेश के बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिला।

बिना सुरक्षा के बाहर निकलीं राबड़ी देवी

सुरक्षा हटने के बाद राबड़ी देवी पहली बार बिना किसी सुरक्षा घेरे के घर से बाहर निकलीं।

रविवार दोपहर वह अकेले आवास से बाहर गईं और लगभग एक घंटे बाद वापस लौटीं। हालांकि इस दौरान उन्होंने मीडिया या कार्यकर्ताओं से कोई बातचीत नहीं की।

राबड़ी देवी की यह गतिविधि राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रही। कई लोगों ने इसे मौजूदा विवाद के बीच एक राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा।

राजद नेताओं की मौजूदगी से बढ़ी राजनीतिक गर्मी

राबड़ी आवास के बाहर सिर्फ कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी लगातार मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव, प्रधान महासचिव रणविजय साहू, पूर्व मंत्री विजय प्रकाश, शिवचंद्र राम और अन्य कई नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया।

इस दौरान पार्टी नेताओं और समर्थकों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इससे स्पष्ट है कि यह मुद्दा अब सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रंग भी ले चुका है।

आवास खाली करने के नोटिस से जुड़ा है विवाद

राबड़ी आवास को लेकर विवाद पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में है। राज्य सरकार की ओर से राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने के लिए कहा गया है।

हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने आवास खाली करने से इनकार कर दिया है। इसी बीच सुरक्षा वापसी का फैसला सामने आया, जिसने पूरे मामले को और अधिक राजनीतिक बना दिया।

राजद नेताओं का आरोप है कि उनके नेताओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है। इसी विरोध के तहत सुरक्षा वापस करने का कदम उठाया गया।

बिहार की राजनीति में क्यों अहम है यह मामला?

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मामला सिर्फ सुरक्षा या सरकारी आवास तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राजनीतिक संदेश और जनभावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश भी देखी जा रही है।

आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजद और एनडीए के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में राबड़ी आवास से जुड़ा विवाद भी चुनावी विमर्श का हिस्सा बन सकता है।

फिलहाल राजद कार्यकर्ता आवास के बाहर डटे हुए हैं और पार्टी नेतृत्व लगातार इस मुद्दे पर सक्रिय नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

Source:

और नया पुराने
हमसे जुड़ें
1

बड़ी खबर सबसे पहले पाएं!

देश, बिहार और नौकरी से जुड़ी हर बड़ी अपडेट सबसे पहले पाने के लिए हमारे WhatsApp Channel से जुड़ें।

👉 अभी WhatsApp चैनल जॉइन करें
होम क्विज वीडियो नोट्स NCERT