पटना में सरकारी दवा की खेप से 15 लाख की बीयर बरामद, तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज
पटना में शराब तस्करी के खिलाफ उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पटना में शराब तस्करी के एक मामले में सरकारी दवा की खेप ले जा रहे ट्रक से 400 कार्टन बीयर बरामद की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 15 लाख रुपये है। कार्रवाई के बाद विभाग पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गया है कि सरकारी दवाओं की आड़ में शराब की खेप कहां से लाई जा रही थी और इसका अंतिम गंतव्य क्या था।
यह कार्रवाई पटना सिटी के अगमकुआं थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। ट्रक को कब्जे में लेकर शराब, सरकारी दवा और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद हुई बड़ी कार्रवाई
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सहायक आयुक्त प्रेम प्रकाश के अनुसार विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि एक ट्रक के जरिए अवैध शराब की खेप लाई जा रही है।
सूचना के आधार पर मद्य निषेध निरीक्षक अजीत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने अगमकुआं थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे एक पेट्रोल पंप पर खड़े हरियाणा नंबर के ट्रक की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान ट्रक के भीतर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में बीयर बरामद हुई।
सरकारी दवा के साथ मिली 400 कार्टन बीयर
जांच के दौरान अधिकारियों को ट्रक में सरकारी दवाओं की खेप भी मिली। दवाओं के पैकेट पर स्पष्ट रूप से "Bihar Government Supply, Not For Sale" अंकित था।
इसी खेप के बीच छिपाकर रखी गई 400 कार्टन बीयर बरामद की गई। विभाग के अनुसार कुल 9,600 कैन, यानी लगभग 4,800 लीटर अंग्रेजी बीयर जब्त की गई है।
फिलहाल यह जांच की जा रही है कि सरकारी दवा की खेप वैध थी या नहीं और उसका शराब की खेप से कोई संबंध है या नहीं।
करीब 15 लाख रुपये की बताई गई कीमत
उत्पाद विभाग के अनुसार जब्त बीयर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।
अधिकारियों का कहना है कि शराब की वास्तविक कीमत और पूरी खेप का मूल्यांकन जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल ट्रक को जब्त कर लिया गया है और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
तस्करी के नेटवर्क की जांच शुरू
विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की यह खेप किस स्थान से भेजी गई थी और इसे बिहार में कहां पहुंचाया जाना था।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में किन लोगों की भूमिका है और क्या इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी में शामिल रही विशेष टीम
इस कार्रवाई में उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
छापेमारी दल में मद्य निषेध निरीक्षक अजीत कुमार के साथ दारोगा सोनम कुमारी, एसआई अजीत पटेल, डब्ल्यू कुमार, विनीता कुमारी तथा अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। टीम ने मौके पर ही ट्रक को सील कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
बिहार में शराबबंदी के बीच लगातार कार्रवाई
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। ऐसे में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग समय-समय पर अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाता है।
हाल के महीनों में कई जिलों से शराब तस्करी के मामले सामने आए हैं। विभाग का कहना है कि सीमावर्ती राज्यों से आने वाली संदिग्ध गाड़ियों की निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है ताकि अवैध शराब की आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके।
एक नजर में प्रमुख बातें
- पटना सिटी में सरकारी दवा ले जा रहे ट्रक से 400 कार्टन बीयर बरामद।
- कुल 9,600 कैन यानी लगभग 4,800 लीटर बीयर जब्त।
- जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये।
- ट्रक अगमकुआं थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप से पकड़ा गया।
- सरकारी दवाओं पर "Bihar Government Supply, Not For Sale" लिखा मिला।
- उत्पाद विभाग तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटा है।
- ट्रक, शराब और अन्य सामान को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
