
Nitish Kumar Nalanda Visit रविवार को नालंदा जिले में चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। Nitish Kumar Nalanda Visit के तहत बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitish Kumar हरनौत नगर पंचायत स्थित अपनी मौसी के गांव पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के सदस्यों से शिष्टाचार मुलाकात की और दिवंगत परिजनों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके आगमन के साथ ही गांव का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार लगभग 40 वर्षों बाद इस गांव में पहुंचे थे। ऐसे में उनके आगमन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
गांव पहुंचते ही गूंजे स्वागत के नारे
रविवार सुबह करीब सवा ग्यारह बजे पूर्व मुख्यमंत्री का काफिला गांव पहुंचा। उनके आगमन की सूचना पहले से होने के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क किनारे मौजूद थे। जैसे ही उनका सुरक्षा काफिला गांव में दाखिल हुआ, पूरा इलाका स्वागत के नारों से गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने अपने नेता के स्वागत में उत्साह दिखाया और कई लोगों ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने भी वाहन से ही हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनका धन्यवाद किया।
दिवंगत मौसी और मौसा को दी श्रद्धांजलि
गांव में अपने संक्षिप्त प्रवास के दौरान नीतीश कुमार ने अपनी मौसी स्वर्गीय देव लगन देवी और मौसा स्वर्गीय रामानंद सिंह के तैलीय चित्र पर माल्यार्पण किया। उन्होंने श्रद्धापूर्वक नमन कर परिवार के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह मुलाकात पारिवारिक और भावनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करीब पांच मिनट तक गांव में रुकने के दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत भी की।
कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी रहे मौजूद
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ कई राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। इस दौरान बिहार विधान परिषद के सदस्य एवं मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी, विधान परिषद में उपनेता ललन सर्राफ, जदयू जिलाध्यक्ष मोहम्मद अरशद और अन्य स्थानीय नेता कार्यक्रम में शामिल हुए। स्थानीय स्तर पर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी देखी गई।
सुरक्षा व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम
पूर्व मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सुबह से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई थी। कल्याण बिगहा रोड से लेकर गांव के प्रवेश मार्गों तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में संभाली गई। कई थानों की पुलिस टीमों को भी तैनात किया गया था।
40 साल बाद गांव पहुंचने पर भावुक हुए ग्रामीण
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, नीतीश कुमार करीब चार दशक बाद गांव पहुंचे थे। ग्रामीणों ने बताया कि जब वे आखिरी बार यहां आए थे, तब वे सक्रिय युवा नेता के रूप में राजनीति में अपनी पहचान बना रहे थे। लंबे समय बाद उन्हें अपने बीच देखकर लोगों में खुशी का माहौल था। कई ग्रामीणों ने उनके पुराने दौर की यादें भी साझा कीं और इस मुलाकात को खास बताया।
ग्रामीणों ने सौंपा समस्याओं का ज्ञापन
दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को भी पूर्व मुख्यमंत्री के सामने रखा। ग्रामीणों ने सड़क, विकास और स्थानीय सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का लिखित आवेदन उन्हें सौंपा। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। ऐसे अवसरों पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के बीच सीधा संवाद क्षेत्रीय मुद्दों को सामने लाने का माध्यम भी बनता है।
नालंदा से जुड़ाव फिर बना चर्चा का विषय
नालंदा जिला लंबे समय से नीतीश कुमार की राजनीतिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। उनके इस दौरे ने एक बार फिर क्षेत्र से उनके पुराने संबंधों की चर्चा को ताजा कर दिया है। पारिवारिक मुलाकात होने के बावजूद स्थानीय स्तर पर इसे विशेष महत्व दिया गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के दौरे नेताओं और जनता के बीच भावनात्मक जुड़ाव को भी मजबूत करते हैं।