बिहार के स्टार क्रिकेटर मुकेश कुमार और आकाश दीप बनेंगे DSP, सरकार ने भेजा नियुक्ति प्रस्ताव


 मुकेश कुमार आकाश दीप DSP नियुक्ति को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुकेश कुमार आकाश दीप DSP नियुक्ति के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 के तहत दोनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है। चयन समिति ने भी दोनों खिलाड़ियों के नामों को मंजूरी दे दी है। अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यह फैसला बिहार के खिलाड़ियों को सम्मान देने और खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्य का नाम रोशन किया है।

सरकार ने क्यों चुने मुकेश कुमार और आकाश दीप?

सरकार की ओर से जारी प्रस्ताव के अनुसार, दोनों क्रिकेटरों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है। मुकेश कुमार ने चीन के हांगझोउ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीतने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वहीं आकाश दीप भी गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इन उपलब्धियों के आधार पर दोनों खिलाड़ियों के नाम खेल कोटे के तहत DSP पद के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।

DSP बनने पर क्या मिलेगा वेतन और सुविधाएं?

चयन समिति की अनुशंसा के बाद दोनों खिलाड़ियों को गृह विभाग, बिहार में पदस्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। यदि नियुक्ति पूरी होती है तो उन्हें 9300 से 34800 रुपये के वेतनमान, 5400 रुपये ग्रेड पे और वेतन स्तर-9 का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही बिहार सरकार द्वारा समय-समय पर मिलने वाले महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। यह नियुक्ति बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर देना है।

नियुक्ति से पहले पूरी करनी होंगी ये अहम शर्तें

सरकार ने नियुक्ति के साथ कई महत्वपूर्ण शर्तें भी तय की हैं। प्रारंभिक नियुक्ति छह महीने तक औपबंधिक (प्रोविजनल) रहेगी। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों का चरित्र और पूर्ववृत्त सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन रिपोर्ट संतोषजनक मिलने के बाद ही उनकी नियुक्ति नियमित की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर दस्तावेजों या अन्य जानकारी में गड़बड़ी मिलती है तो नियुक्ति तुरंत रद्द की जा सकती है।

पांच साल तक खेलना होगा, तभी नौकरी होगी स्थायी

खेल कोटे के तहत नियुक्त खिलाड़ियों को एक विशेष बांड भी भरना होगा। इस बांड के अनुसार नौकरी ज्वाइन करने के बाद अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के रूप में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेना होगा। यदि वे इस शर्त का पालन नहीं करते हैं तो उनकी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ी सरकारी सेवा के साथ-साथ खेलों में भी सक्रिय बने रहेंगे और राज्य तथा देश का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे।

दस्तावेजों की होगी विस्तृत जांच

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण दोनों खिलाड़ियों के खेल प्रमाणपत्रों का सत्यापन पहले ही कर चुका है। हालांकि नियुक्ति से पहले शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आवासीय प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी विस्तृत जांच होगी। यदि भविष्य में कोई दस्तावेज गलत या फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति तत्काल समाप्त कर दी जाएगी और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। नियमावली के अनुसार खेल कोटे से सरकारी नियुक्ति पाने के लिए बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इसी कारण दोनों खिलाड़ियों के आवासीय प्रमाणपत्रों का भी अलग से सत्यापन किया जाएगा।

बिहार के खिलाड़ियों के लिए क्या है इसका महत्व?

मुकेश कुमार और आकाश दीप को DSP पद पर नियुक्त करने की पहल केवल दो खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है। यह निर्णय राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का संदेश देता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर उन्हें सरकारी सेवा में सम्मानजनक अवसर मिल सकते हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी नीतियां खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगी।

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