हाजीपुर में EOU की बड़ी कार्रवाई, अकाउंटेंट के घर मिला करोड़ों का बंगला और संपत्ति


हाजीपुर EOU Raid
ने गुरुवार को पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने नगर परिषद के अकाउंटेंट मनीष कुमार के दो ठिकानों पर छापेमारी की। हाजीपुर EOU Raid के दौरान अधिकारियों को करोड़ों रुपये की संपत्ति, लग्जरी वाहन, ज्वेलरी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी के पास उसकी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं। सुबह करीब 8 बजे आर्थिक अपराध इकाई की टीम हाजीपुर के बागमली इलाके स्थित मनीष कुमार के आवास पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा। अधिकारियों ने घर और अन्य संबंधित परिसरों की गहन तलाशी ली।

EOU की छापेमारी में क्या-क्या मिला?

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को दो करोड़ रुपये से अधिक कीमत का एक आलीशान बंगला मिला है। इसके अलावा एक थार वाहन, लाखों रुपये की ज्वेलरी, नकदी और 10 सीडी भी बरामद की गई हैं। जांच टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। इन दस्तावेजों में संपत्ति, निवेश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सभी कागजातों की जांच की जा रही है।

पिता की मौत के बाद मिली थी नौकरी

जानकारी के अनुसार मनीष कुमार को करीब दस वर्ष पहले अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिली थी। शुरुआत में उन्हें प्यून के पद पर नियुक्त किया गया था। समय के साथ वह नगर परिषद में अकाउंटेंट के पद तक पहुंचे। अब आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनका नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उनकी वित्तीय स्थिति की पड़ताल कर रही हैं।

आय से 208 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप

आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार मनीष कुमार पर लगभग 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह संपत्ति उनकी वैध आय की तुलना में करीब 208.57 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। हालांकि मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल एजेंसी सभी तथ्यों और दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

सूत्रों के अनुसार EOU को मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद गुरुवार को छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य वित्तीय कागजातों की विस्तृत जांच जारी है।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की टीम बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। जांच पूरी होने के बाद कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि अनुकंपा नियुक्ति से नौकरी शुरू करने वाले एक कर्मचारी के पास कथित तौर पर करोड़ों रुपये की संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। जांच के अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी। 

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