बिहार में 8054 राजस्व कर्मचारियों की होगी बहाली, मंत्री दिलीप जायसवाल का बड़ा ऐलान


Bihar Revenue Department
ने राज्य में लंबित राजस्व कार्यों को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। Bihar Revenue Department के तहत 8054 राजस्व कर्मचारियों की बहाली की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही 11 जून से 17 जून तक पूरे राज्य में विशेष राजस्व महाअभियान चलाया जाएगा, जिसमें लाखों लंबित मामलों के समाधान पर जोर रहेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसी स्थिति को देखते हुए बड़े पैमाने पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

राजस्व कर्मचारियों की कमी दूर करने की तैयारी

मंत्री दिलीप जायसवाल के अनुसार, राज्य में राजस्व कर्मचारियों की भारी कमी है। इसका असर जमीन से जुड़े मामलों, नामांतरण, जमाबंदी सुधार और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग से रोस्टर क्लियरेंस मिलने के बाद 15 जून के बाद भर्ती प्रक्रिया के लिए वैकेंसी जारी की जाएगी। इस बहाली के माध्यम से विभागीय कार्यों में तेजी लाने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्व विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से जनता को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आएगा और लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सकेगा।

पंचायत भवनों के लिए भी आएंगी नई वैकेंसी

राजस्व कर्मचारियों के अलावा सरकार डाटा एंट्री ऑपरेटर कम क्लर्क की नियुक्ति भी करने जा रही है। मंत्री ने बताया कि पंचायत भवनों में ऐसे कर्मचारियों की कमी के कारण कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर इन पदों के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा। डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति होने के बाद पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवाओं और रिकॉर्ड प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है।

भूमिहीन परिवारों को जमीन देने की योजना

राज्य सरकार भूमि प्रबंधन को लेकर भी नई रणनीति पर काम कर रही है। मंत्री ने बताया कि सरकारी जमीनों का रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए लैंड बैंक तैयार किया जाएगा। लैंड बैंक बनने के बाद उपलब्ध सरकारी जमीन की पहचान आसान होगी। इसके आधार पर भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने की योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा जमाबंदी सुधार, वंशावली में नामांतरण और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी शिकायतों के समाधान पर भी विभाग विशेष ध्यान दे रहा है।

46 लाख लंबित आवेदनों के निपटारे पर फोकस

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पहले ही घोषणा की थी कि राज्य में राजस्व दस्तावेजों से जुड़े लगभग 46 लाख लंबित आवेदनों के समाधान के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। 11 जून से 17 जून तक सभी अंचल कार्यालयों में राजस्व महाअभियान आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्राप्त आवेदनों की स्कैनिंग और पोर्टल पर अपलोडिंग अभियान मोड में की जाएगी। विशेष बात यह है कि अभियान के दौरान रविवार को भी कार्यालयों में कार्य किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लंबित मामलों का निपटारा किया जा सके।

आम लोगों को क्या होगा फायदा?

इस अभियान और नई बहाली का सीधा लाभ आम नागरिकों को मिलने की उम्मीद है। जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति होने पर राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन और भूमि संबंधी सेवाएं भी अधिक पारदर्शी बन सकेंगी। राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और भूमि विवादों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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