बिहार की बेटी डॉ. स्मृति स्पर्श को राष्ट्रीय सम्मान, IVF क्षेत्र में बढ़ाया राज्य का गौरव

 


डॉ. स्मृति स्पर्श राष्ट्रीय सम्मान की खबर बिहार के चिकित्सा जगत के लिए गर्व लेकर आई है। डॉ. स्मृति स्पर्श राष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद राज्य में प्रजनन चिकित्सा और IVF सेवाओं की गुणवत्ता एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। गुरुग्राम में आयोजित 12वें राष्ट्रीय YUVA ISAR सम्मेलन में उन्हें बांझपन उपचार और सहायक प्रजनन तकनीकों (ART/IVF) के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

यह सम्मान न केवल एक चिकित्सक की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि बिहार में विकसित हो रही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहचान का भी प्रतीक माना जा रहा है।

YUVA ISAR सम्मेलन में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

5 जून 2026 को दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम में आयोजित 12वें राष्ट्रीय YUVA ISAR (Indian Society for Assisted Reproduction) सम्मेलन में देशभर के प्रजनन चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हुए।

इसी मंच पर IVF विशेषज्ञ डॉ. स्मृति स्पर्श को उनके उल्लेखनीय कार्यों, मरीजों के प्रति समर्पण और फर्टिलिटी उपचार के क्षेत्र में योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया।

चिकित्सा जगत में YUVA ISAR सम्मेलन को प्रजनन स्वास्थ्य और सहायक प्रजनन तकनीकों से जुड़े प्रमुख आयोजनों में गिना जाता है। ऐसे मंच पर सम्मान मिलना किसी भी विशेषज्ञ के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है।

बिहार में IVF सेवाओं को नई पहचान देने का प्रयास

डॉ. स्मृति स्पर्श वर्तमान में स्मृति IVF की संस्थापक और चिकित्सा निदेशक हैं। उनके नेतृत्व में यह संस्थान बिहार के कई शहरों में फर्टिलिटी और IVF सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।

पटना, दरभंगा, बेगूसराय, समस्तीपुर और सीतामढ़ी सहित कई क्षेत्रों में संस्थान आधुनिक प्रजनन चिकित्सा सुविधाएं प्रदान कर रहा है। यहां IVF, ICSI, IUI और पुरुष एवं महिला बांझपन उपचार से जुड़ी उन्नत सेवाएं उपलब्ध हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में बिहार में फर्टिलिटी उपचार की पहुंच बढ़ाने में निजी स्वास्थ्य संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सम्मान मिलने पर क्या बोलीं डॉ. स्मृति स्पर्श?

राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. स्मृति स्पर्श ने इस उपलब्धि को बिहार के हजारों परिवारों को समर्पित किया।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन दंपत्तियों के विश्वास का परिणाम है जिन्होंने माता-पिता बनने के अपने सपने को पूरा करने के लिए स्मृति IVF को चुना। उन्होंने अपनी पूरी चिकित्सा टीम के योगदान को भी इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया।

डॉ. स्मृति के अनुसार, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक तकनीक हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता रही है।

बिहार को IVF उपचार में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

एक समय ऐसा था जब बिहार के कई दंपत्तियों को IVF उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई या कोलकाता जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।

उच्च खर्च, लंबी यात्रा और समय की चुनौतियों के कारण कई परिवारों के लिए उपचार कराना कठिन हो जाता था। इसी समस्या को देखते हुए राज्य में आधुनिक फर्टिलिटी सेवाओं का विस्तार करने की दिशा में काम किया गया।

डॉ. स्मृति स्पर्श का कहना है कि उनका उद्देश्य बिहार के लोगों को उनके अपने राज्य में विश्वस्तरीय IVF और प्रजनन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता कम पड़े।

सीतामढ़ी में नए केंद्र से बढ़ी पहुंच

उत्तर बिहार और मिथिलांचल क्षेत्र के मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए हाल ही में सीतामढ़ी में नया केंद्र शुरू किया गया है।

इस विस्तार के बाद क्षेत्र के हजारों दंपत्तियों को आधुनिक फर्टिलिटी उपचार और विशेषज्ञ परामर्श पहले की तुलना में अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों तक ऐसी सेवाओं का पहुंचना क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

हजारों परिवारों तक पहुंची खुशियां

स्मृति IVF के माध्यम से हजारों परिवारों को IVF, ICSI, IUI, फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन और अन्य उन्नत उपचार सेवाओं का लाभ मिला है।

संस्थान की आधुनिक प्रयोगशाला, प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम और मरीज-केंद्रित उपचार प्रणाली इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं। यही वजह है कि राज्य के विभिन्न जिलों से लोग यहां उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

बिहार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मान?

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि बिहार में विकसित हो रही आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का प्रमाण है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संदेश लेकर आई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, शोध और विशेषज्ञता को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की उपलब्धता के बीच यह उपलब्धि राज्य के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

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