
दिल्ली में 8 साल की सबसे साफ हवा
दिल्ली की हवा इन दिनों लोगों को बड़ी राहत दे रही है। राजधानी में सिर्फ मौसम ही नहीं बदला, बल्कि दिल्ली की हवा भी पिछले आठ वर्षों में सबसे साफ दर्ज की गई है। दिल्ली की हवा में सुधार के साथ बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी और लू से राहत दी है। मई के आखिरी दिनों में राजधानी का मौसम ऐसा हो गया कि लोगों को शिमला और मनाली जैसी ठंडक महसूस होने लगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, जनवरी से मई 2026 के बीच दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 211 दर्ज किया गया। कोविड काल 2020 को छोड़ दें तो यह पिछले आठ वर्षों का सबसे कम औसत AQI है। लगातार साफ हवा और सुहावने मौसम ने दिल्लीवासियों को राहत की सांस दी है।
दिल्ली की हवा 8 साल में सबसे साफ
सीएक्यूएम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2026 के पहले पांच महीनों में दिल्ली की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है। पिछले वर्षों की तुलना में AQI कम रहने से यह साफ संकेत मिला है कि प्रदूषण नियंत्रण उपाय असर दिखा रहे हैं।
जनवरी से मई तक का औसत AQI इस प्रकार रहा:
- 2026 – 211
- 2025 – 214
- 2024 – 231
- 2023 – 213
- 2022 – 238
- 2021 – 235
- 2019 – 237
- 2018 – 243
कोविड वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 181 था, लेकिन उस दौरान लॉकडाउन के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित थीं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि निर्माण गतिविधियों पर निगरानी, BS-VI ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और औद्योगिक उत्सर्जन नियंत्रण जैसे कदमों का असर अब दिखने लगा है।
मई 2026 में भी बेहतर रही हवा
सिर्फ पूरे पांच महीनों का रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि मई 2026 में भी दिल्ली की हवा अपेक्षाकृत साफ रही। इस दौरान औसत AQI 157 दर्ज किया गया, जो पिछले आठ वर्षों में दूसरा सबसे कम स्तर है।
तुलना करें तो मई 2025 में AQI 170, मई 2024 में 223 और मई 2022 में 212 दर्ज हुआ था। इससे साफ है कि इस बार गर्मियों में प्रदूषण का स्तर पहले की तुलना में कम रहा।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार पश्चिमी विक्षोभ, हल्की बारिश और तेज हवाओं ने भी हवा को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
75 दिन ‘गुड टू मॉडरेट’ श्रेणी में रही हवा
दिल्लीवासियों के लिए सबसे राहत भरी बात यह रही कि 2026 के पहले पांच महीनों में 75 दिन ऐसे रहे जब AQI ‘गुड टू मॉडरेट’ श्रेणी में दर्ज किया गया।
यह आंकड़ा 2025 में 70 दिन और 2022 में सिर्फ 37 दिन था। इससे यह स्पष्ट होता है कि राजधानी की हवा पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यही ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले वर्षों में दिल्ली का प्रदूषण स्तर और नियंत्रित हो सकता है। हालांकि सर्दियों के मौसम में चुनौती अभी भी बनी हुई है।
बारिश ने बदला दिल्ली-NCR का मौसम
कुछ दिन पहले तक दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में भीषण गर्मी और लू का असर था। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे थे।
लेकिन अब बेमौसम बारिश और ठंडी हवाओं ने पूरे दिल्ली-NCR का मौसम बदल दिया है। आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश के कारण तापमान गिरकर करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 3 जून तक दिल्ली-NCR में मौसम सुहावना बना रह सकता है। तेज हवाएं और बादल लोगों को लू से राहत देते रहेंगे।
कई राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाज
दिल्ली के अलावा देश के कई राज्यों में भी मौसम तेजी से बदल रहा है।
- गुजरात में 31 मई से 2 जून तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
- राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है, जहां हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में गरज के साथ बारिश का अनुमान है।
- वहीं बिहार में एक बार फिर लू का दौर लौटने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग लगातार लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दे रहा है।
क्या दिल्ली की हवा स्थायी रूप से बेहतर हो रही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बारिश और अनुकूल मौसम ने प्रदूषण कम करने में मदद की है, लेकिन स्थायी सुधार के लिए लगातार सख्त कदम जरूरी होंगे।
वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने जैसी समस्याएं अब भी चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद 2026 के शुरुआती आंकड़े उम्मीद जगाने वाले हैं।
दिल्ली की साफ हवा और सुहावने मौसम ने लोगों को यह एहसास जरूर कराया है कि सही प्रयासों से राजधानी का पर्यावरण बेहतर बनाया जा सकता है।
Source: CAQM, मौसम विभाग (IMD)