Deepak Prakash Minister Post: बेटे के मंत्री पद पर बोले उपेंद्र कुशवाहा, ‘2030 तक पूरा करेंगे कार्यकाल’


 

बिहार की राजनीति में इन दिनों Deepak Prakash Minister Post को लेकर चर्चाएं तेज हैं। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश के पद को लेकर उठ रहे सवालों के बीच Deepak Prakash Minister Post पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट रुख सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे दीपक प्रकाश बिहार में एनडीए सरकार रहने तक मंत्री बने रहेंगे और अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। कुशवाहा का यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया विधान परिषद चुनाव में दीपक प्रकाश को एमएलसी नहीं बनाए जाने के बाद उनके मंत्री पद को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई थीं।

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि मंत्री पद को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए क्योंकि यह फैसला एनडीए नेतृत्व ने पूरी सहमति और विचार-विमर्श के बाद लिया था।

राष्ट्रीय अधिवेशन में फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बने उपेंद्र कुशवाहा

शनिवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी के संस्थापक उपेंद्र कुशवाहा को एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।

अध्यक्ष पद के लिए केवल उनका ही नामांकन दाखिल हुआ था। इसके चलते उनका चुनाव निर्विरोध हो गया। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा संगठन की कमान सौंप दी।

अधिवेशन के बाद मीडिया से बातचीत में कुशवाहा ने संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ बिहार की राजनीति और मंत्री पद विवाद पर भी अपनी राय रखी।

बेटे के मंत्री पद पर क्या बोले उपेंद्र कुशवाहा?

पत्रकारों ने जब दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर सवाल पूछा तो उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि इसमें किसी प्रकार का संशय नहीं है।

उन्होंने कहा कि दीपक प्रकाश जिस दिन मंत्री बने थे, उस दिन भी वे किसी सदन के सदस्य नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। इसका मतलब है कि एनडीए नेतृत्व ने सोच-समझकर यह फैसला लिया था।

कुशवाहा ने कहा कि किसी व्यक्ति को केवल पार्टी की इच्छा से मंत्री नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए गठबंधन के अन्य दलों की भी सहमति आवश्यक होती है। इसलिए इस फैसले पर संदेह करने की जरूरत नहीं है।

सम्राट चौधरी ने भी दिया समर्थन

दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर बिहार सरकार की ओर से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। एक दिन पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी।

उन्होंने कहा था कि दीपक प्रकाश मंत्री हैं और आगे भी बने रहेंगे। सम्राट चौधरी ने संविधान के उस प्रावधान का जिक्र किया जिसके तहत कोई व्यक्ति बिना विधायक या विधान परिषद सदस्य बने भी सीमित अवधि तक मंत्री पद पर रह सकता है।

उन्होंने यह भी कहा था कि वह स्वयं भी अतीत में इसी व्यवस्था के तहत मंत्री पद पर रह चुके हैं। इसलिए इस मामले को लेकर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए।

एमएलसी नहीं बनने से बढ़ी राजनीतिक चर्चा

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तब तेज हुई जब हाल ही में हुए बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए के नौ उम्मीदवारों की सूची में दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं था।

उपेंद्र कुशवाहा और उनके समर्थकों को उम्मीद थी कि भाजपा के समर्थन से दीपक प्रकाश को विधान परिषद भेजा जाएगा। यदि ऐसा होता तो उनके मंत्री पद को लेकर उठ रहे सभी सवाल स्वतः समाप्त हो जाते।

हालांकि उम्मीदवारों की सूची में नाम नहीं आने के बाद विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया। इसके बाद मंत्री पद के भविष्य को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हुआ।

क्या कहता है संवैधानिक प्रावधान?

भारतीय संविधान के अनुसार कोई व्यक्ति विधायक या विधान परिषद सदस्य बने बिना भी मंत्री पद की शपथ ले सकता है। लेकिन उसे छह महीने के भीतर किसी एक सदन का सदस्य बनना अनिवार्य होता है।

दीपक प्रकाश ने 7 मई 2026 को मंत्री पद की शपथ ली थी। ऐसे में उन्हें नवंबर 2026 के पहले सप्ताह तक विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा।

यदि निर्धारित अवधि के भीतर वे किसी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं तो संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है।

आगे क्या हो सकती है रणनीति?

अब राजनीतिक नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा और एनडीए नेतृत्व आगे क्या रणनीति अपनाते हैं।

संभावना जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में दीपक प्रकाश को किसी उपयुक्त राजनीतिक अवसर के जरिए सदन का सदस्य बनाने की कोशिश हो सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

फिलहाल उपेंद्र कुशवाहा के बयान ने यह साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी दीपक प्रकाश के मंत्री पद को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखाई दे रही है। आने वाले महीनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

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