Bihar Weather Update के अनुसार समय से पहले बिहार पहुंचा मानसून अब धीमा पड़ गया है। Bihar Weather Update में मौसम विभाग ने बताया है कि पिछले दो दिनों से मानसून मुजफ्फरपुर के आसपास ठहरा हुआ है और राज्य के कई हिस्सों में इसका विस्तार नहीं हो पा रहा है। इसका असर यह है कि अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां सीमित बनी हुई हैं और लोगों को उमस व गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।
राज्य में मानसून अब तक केवल 22 जिलों तक पहुंच पाया है, जबकि पटना, गया, सारण समेत 16 जिलों में इसका प्रसार अभी बाकी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार से पांच दिनों में परिस्थितियां अनुकूल होने पर मानसून आगे बढ़ सकता है।
16 जिलों में मानसून का इंतजार, बढ़ी बारिश की कमी
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बिहार में वर्षा की कमी बढ़कर लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह स्थिति कृषि और सामान्य जनजीवन दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है।
हालांकि मानसून ने राज्य में समय से पहले दस्तक दी थी, लेकिन इसके बाद बारिश की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही। जिन जिलों में मानसून पहुंच चुका है, वहां भी व्यापक और लगातार वर्षा देखने को नहीं मिली है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के सक्रिय नहीं होने से खेतों में नमी की कमी बनी हुई है और किसान भी पर्याप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
इन जिलों के लिए जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए भागलपुर, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
विभाग के अनुसार, एक निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक सक्रिय बना हुआ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से कुछ इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
हालांकि यह बारिश अभी पूरे राज्य में समान रूप से नहीं फैल पाई है। यही वजह है कि कई जिलों में मौसम अब भी गर्म और उमस भरा बना हुआ है।
कहां-कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान रोहतास और किशनगंज जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई।
रोहतास के सासाराम में 76.8 मिमी और किशनगंज के गलगलिया में 75.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा डेहरी में 67.8 मिमी और शिवसागर में 56.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
नवादा के रजौली में 36.2 मिमी, गया के टेकारी में 25 मिमी, भभुआ के दुर्गावती में 25.4 मिमी तथा नालंदा के गिरियक में 24.4 मिमी बारिश हुई।
दरभंगा, जहानाबाद और मधेपुरा के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
क्यों नहीं सक्रिय हो पा रहा मानसून?
जलवायु विशेषज्ञ और सीयूएसबी के प्रोफेसर डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार बिहार में झमाझम मानसूनी बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवाई हवाओं का मजबूत होना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि जब तक पूर्वी हवाएं प्रभावी नहीं होंगी, तब तक मानसून पूरी ताकत नहीं पकड़ पाएगा। इसी कारण राज्य में मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस वर्ष मानसून के व्यवहार में अनिश्चितता बनी रह सकती है। मौसम विभाग पहले ही सामान्य से कम बारिश की संभावना जता चुका है।
तापमान में मिली आंशिक राहत
कुछ जिलों में हल्की बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण अधिकतम तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
औरंगाबाद में 1.8 डिग्री, गया में 1.4 डिग्री, पटना में 0.5 डिग्री और नालंदा में 1.3 डिग्री सेल्सियस तक तापमान कम हुआ है।
इसके बावजूद अधिकांश जिलों में दिन के समय गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि व्यापक बारिश के बाद ही लोगों को वास्तविक राहत मिल सकेगी।
प्रमुख शहरों का तापमान
राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.1 डिग्री दर्ज किया गया।
गया में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं भागलपुर में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री तथा पूर्णिया में 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि मानसून की मौजूदगी के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अगले कुछ दिनों में क्या है संभावना?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में मानसून धीरे-धीरे राज्य के बाकी जिलों में भी आगे बढ़ सकता है।
यदि बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं मजबूत होती हैं तो पटना, गया और सारण समेत शेष जिलों में भी अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
