Bihar MLC Oath Ceremony: 1 जुलाई को शपथ लेंगे 10 नए MLC, पवन सिंह और निशांत कुमार पर रहेगी सबकी नजर

Bihar MLC Oath Ceremony को लेकर बिहार की राजनीति में उत्सुकता बढ़ गई है। Bihar MLC Oath Ceremony मंगलवार, 1 जुलाई को शाम 4 बजे आयोजित होगी, जिसमें बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित 10 सदस्य पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। यह समारोह विधान परिषद के उप सभागार में होगा और इसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार समारोह की सबसे अधिक चर्चा दो नए चेहरों—भोजपुरी अभिनेता एवं गायक पवन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार—को लेकर हो रही है, जो पहली बार विधान परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर इस समारोह पर टिकी हुई है। दोनों नेताओं के सार्वजनिक रूप से पहली बार एमएलसी के रूप में सामने आने को महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
पवन सिंह और निशांत कुमार पर क्यों है खास नजर?
इस बार शपथ ग्रहण समारोह की सबसे बड़ी चर्चा भाजपा से निर्वाचित पवन सिंह और जदयू से चुने गए निशांत कुमार को लेकर है। भोजपुरी फिल्म और संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पवन सिंह अब सक्रिय राजनीतिक भूमिका में नई शुरुआत करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार किसी निर्वाचित संवैधानिक पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। दोनों नेताओं के विधानसभा परिसर पहुंचने, शपथ लेने और राजनीतिक संकेतों पर राजनीतिक विश्लेषकों की विशेष नजर रहेगी।
11 जून को घोषित हुए थे चुनाव परिणाम
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव का परिणाम 11 जून को घोषित किया गया था। इन सभी सीटों पर केवल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया था। नामांकन की जांच में सभी आवेदन वैध पाए गए और नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर रह गई। ऐसी स्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
किस दल के कितने उम्मीदवार बने एमएलसी?
इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 10 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खाते में एक सीट गई। जदयू की ओर से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद निर्वाचित हुए हैं। भाजपा के टिकट पर पवन सिंह, संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित ने जीत दर्ज की। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) से अशरफ अंसारी तथा राजद से सुनील सिंह भी निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।
मतदान की जरूरत क्यों नहीं पड़ी?
आमतौर पर विधान परिषद चुनाव में मतदान होता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। 10 सीटों के लिए केवल 10 वैध उम्मीदवार मैदान में थे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसी सीट पर मुकाबला नहीं बचा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया। इस वजह से मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी और परिणाम सीधे घोषित कर दिए गए।
शपथ के साथ शुरू होगा नया राजनीतिक सफर
1 जुलाई को शपथ लेने के बाद सभी 10 सदस्य आधिकारिक रूप से अपने कार्यकाल की शुरुआत करेंगे। विशेष रूप से पवन सिंह और निशांत कुमार के लिए यह राजनीतिक जीवन का नया अध्याय माना जा रहा है। दोनों पहली बार बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में भाग लेंगे और सदन के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में इन दोनों नेताओं की भूमिका और सक्रियता पर भी नजर रहेगी। हालांकि उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियों और भविष्य की भूमिका का आकलन आने वाले दिनों की गतिविधियों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।
समारोह की तैयारियां पूरी
विधान परिषद सचिवालय की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह शाम 4 बजे विधान परिषद के उप सभागार में आयोजित होगा, जहां नवनिर्वाचित सभी 10 सदस्य पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। इसके साथ ही बिहार विधान परिषद को अपने नए सदस्य मिल जाएंगे और सदन की आगामी कार्यवाही में उनकी भागीदारी शुरू हो जाएगी।