
पटना। Bihar Cabinet Meeting को लेकर राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। Bihar Cabinet Meeting सोमवार शाम आयोजित होने जा रही है, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक पर खास नजर इसलिए भी है क्योंकि हाल के दिनों में युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में शाम 5 बजे बैठक होगी। इसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रह सकते हैं। माना जा रहा है कि बैठक में विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर अहम फैसले लिए जा सकते हैं।
सोमवार को कैबिनेट बैठक क्यों है खास?
बिहार में लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार के कार्यकाल में मंत्रिमंडल की बैठक आमतौर पर मंगलवार को आयोजित होती थी। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अब तक अधिकांश बैठकें मंगलवार को ही हुई थीं। ऐसे में सोमवार को अचानक कैबिनेट बैठक बुलाए जाने को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि सरकार कुछ महत्वपूर्ण प्रस्तावों को जल्द मंजूरी देना चाहती है, इसलिए बैठक का समय बदला गया है। हालांकि सरकार की ओर से एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन कई विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है।
युवाओं और महिलाओं से जुड़े प्रस्तावों पर नजर
आज की बैठक में युवाओं के रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार हो सकता है। राज्य सरकार पहले से ही रोजगार और स्किल डेवलपमेंट को अपनी प्राथमिकता बता चुकी है। महिलाओं के लिए चल रही योजनाओं को विस्तार देने या नई पहल शुरू करने पर भी निर्णय लिया जा सकता है। इसके अलावा बुजुर्गों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी महीनों में सरकार जनहित से जुड़े कार्यक्रमों को और गति देने की दिशा में काम कर रही है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं पर भी हो सकता है फैसला
राज्य में सड़क, भवन, ऊर्जा और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को लेकर भी कई प्रस्ताव लंबित हैं। ऐसे में कैबिनेट बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है। इसके अलावा कृषि, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को भी मंजूरी मिल सकती है। बिहार में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन को लेकर सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में कई विकास परियोजनाओं को गति मिल सकती है।
सरकारी कर्मचारियों को मिल सकती है राहत
सूत्रों के मुताबिक बैठक में सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कुछ प्रस्ताव भी चर्चा में आ सकते हैं। हालांकि अभी तक किसी विशेष घोषणा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी कर्मचारियों से जुड़े प्रशासनिक सुधार, पद सृजन या सेवा शर्तों में बदलाव जैसे विषय एजेंडे का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसे फैसलों का असर बड़ी संख्या में सरकारी कर्मियों पर पड़ सकता है। इसी वजह से कर्मचारी संगठनों की नजर भी आज होने वाली बैठक पर टिकी हुई है।
पिछली कैबिनेट बैठक में हुए थे कई बड़े फैसले
इससे पहले 3 जून को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल 13 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी। उस बैठक में बिजली, उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, मत्स्य पालन और कौशल विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे। बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में द्वि-स्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम बनाने का फैसला लिया गया था। इसके अलावा मधुबनी जिले में 50 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले अनाज भंडारण साइलो के निर्माण को मंजूरी मिली थी। भोजपुर जिले में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और औरंगाबाद के नबीनगर में नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई थी।
आज के फैसलों पर क्यों टिकी हैं नजरें?
राज्य सरकार लगातार विकास और जनकल्याण से जुड़े फैसलों को प्राथमिकता देने की बात कह रही है। ऐसे में आज की कैबिनेट बैठक से भी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं, किसानों और कर्मचारियों से जुड़े निर्णयों का सीधा प्रभाव लाखों लोगों पर पड़ सकता है। बैठक खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों को मंजूरी मिली और राज्य के विकास एजेंडे में आगे क्या नया जुड़ने वाला है। फिलहाल पूरे बिहार की नजर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस अहम कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है।