बैंक नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा खेल! पटना में पकड़ा गया सेटिंग गैंग, 22 चेक बरामद
बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों के बीच अब बैंक नौकरी रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। राजधानी पटना में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बैंक नौकरी रैकेट से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह बैंकिंग परीक्षाओं में सेटिंग कराने और नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलता था। पुलिस को मौके से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, चेक और प्रवेश पत्र भी मिले हैं। इस कार्रवाई के बाद परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
मनोकामना मंदिर के पास घर में चल रहा था पूरा नेटवर्क
पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र स्थित मनोकामना मंदिर के पास एक मकान में यह नेटवर्क संचालित होने की सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना के आधार पर सोमवार रात छापेमारी की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में पता चला कि यह स्थान लोगों से मिलने, लेनदेन करने और कथित भर्ती सेटिंग से जुड़े कामकाज का केंद्र बना हुआ था।
पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हो सकता है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी
दानापुर एएसपी शिवम धाकड़ के अनुसार सूचना मिली थी कि नीट और बैंक परीक्षाओं से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियां यहां संचालित की जा रही हैं।
सबसे पहले शाहपुर थाना क्षेत्र के प्रवीण शंकर उर्फ गोलू कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसके चार अन्य साथियों की जानकारी मिली।
इसके बाद खाजेकलां के अमित चौधरी और राज कुमार, बिहटा के करन कुमार तथा मनोज कुमार को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
फिलहाल सभी आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए कितने लोगों को कथित लाभ पहुंचाया गया।
22 चेक और कई अहम दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को 22 चेक, विभिन्न अभ्यर्थियों की मार्कशीट, बैंकिंग परीक्षाओं के प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेज मिले हैं।
बरामद चेक बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड की विभिन्न बैंक शाखाओं से जुड़े बताए जा रहे हैं। इनमें कई चेक हस्ताक्षरयुक्त थे।
जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की सत्यता और इनके इस्तेमाल के तरीके की जांच कर रही हैं।
नौकरी के बदले एडवांस में लिए जाते थे चेक
पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आरोप है कि गिरोह नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से पहले ही हस्ताक्षर किए हुए चेक ले लेता था।
इन चेकों को कथित तौर पर भुगतान की गारंटी के रूप में रखा जाता था। कुछ चेकों में सात लाख रुपये तक की राशि दर्ज मिली है।
पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था के जरिए नौकरी मिलने के बाद रकम वसूलने की तैयारी की जाती थी। हालांकि इस दावे की पुष्टि के लिए जांच जारी है।
कई बैंकों से जुड़े चेक मिले
पुलिस को जिन दस्तावेजों की जानकारी मिली है, उनमें विभिन्न बैंक शाखाओं से संबंधित चेक शामिल हैं।
इनमें इंडियन बैंक, दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एचडीएफसी बैंक से जुड़े दस्तावेज होने की बात सामने आई है।
जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन दस्तावेजों का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या किसी भर्ती प्रक्रिया में वास्तविक हस्तक्षेप हुआ था।
NEET जांच के बीच सामने आया नया मामला
हाल के दिनों में बिहार में नीट परीक्षा से जुड़े फर्जी परीक्षार्थियों और सॉल्वर गैंग की जांच चल रही है। इसी दौरान बैंकिंग परीक्षाओं से जुड़ा यह मामला सामने आया है।
इस वजह से जांच एजेंसियां अब विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क की गतिविधियों पर भी नजर रख रही हैं।
विशेष कार्यबल (एसटीएफ) भी इस कार्रवाई में शामिल रही, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आगे क्या होगा?
रूपसपुर थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और उनका नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि क्या वास्तव में किसी भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित किया गया था या केवल नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से धन उगाही की जा रही थी।
आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
