पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद West Bengal Election Violence 2026 को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। राज्य के कई जिलों से हिंसा, गोलीबारी और बमबाजी की खबरें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ी घटना मध्यमग्राम में हुई, जहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। लगातार बढ़ती घटनाओं ने West Bengal Election Violence 2026 को लेकर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हावड़ा, कमरहट्टी, आसनसोल और बशीरहाट समेत कई इलाकों में राजनीतिक टकराव के आरोप लगे हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर हिंसा फैलाने के आरोप लगा रहे हैं।
मध्यमग्राम में शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या
बुधवार रात करीब 11:15 बजे मध्यमग्राम में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। हमले में उन्हें चार गोलियां लगीं, जिनमें तीन गोलियां सीने में लगी थीं।
गंभीर हालत में उन्हें वीवी सिटी हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में उनके ड्राइवर भी घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, हालांकि अब तक किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हावड़ा में बमबाजी और हिंसक झड़प
हावड़ा जिले के उलुबेड़िया में चुनाव के बाद माहौल अचानक हिंसक हो गया। बीरशिवपुर इलाके में तृणमूल कार्यालय में तोड़फोड़ के बाद दो गुटों के बीच बमबाजी हुई।
स्थानीय लोगों के अनुसार धमाकों के बाद बाजार बंद हो गए और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान पांच राहगीर घायल हुए।
उदयनारायणपुर में एक भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की खबर भी सामने आई है, जबकि श्यामपुर इलाके में टीएमसी नेता के घर कथित लूटपाट का मामला सामने आया।
पुलिस ने हिंसा से जुड़े मामलों में 45 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
कमरहट्टी में CCTV में कैद हुआ हमला
उत्तर 24 परगना के कमरहट्टी में भाजपा कार्यकर्ता गोविंद झा के घर पर हमला किया गया। पीड़ित परिवार के मुताबिक करीब 50 लोग लाठी, डंडे और लोहे की रॉड लेकर घर में घुसे।
हमलावरों ने दरवाजे तोड़े और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
गोविंद झा ने आरोप लगाया कि हमला तृणमूल समर्थकों ने किया। हालांकि टीएमसी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस वीडियो फुटेज की जांच कर रही है।
आसनसोल और बर्धमान में भी बढ़ा तनाव
आसनसोल और पश्चिम बर्धमान जिले में भी चुनाव बाद हिंसा के आरोप तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर कई शिकायतें सौंपी हैं।
टीएमसी नेताओं का दावा है कि उनके कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं और पार्टी कार्यालयों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
वहीं विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में राजनीतिक प्रतिशोध का माहौल बनाया जा रहा है। दोनों पक्षों के आरोपों के बीच प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
बशीरहाट में भाजपा कार्यकर्ता को मारी गोली
उत्तर 24 परगना के बशीरहाट में भाजपा कार्यकर्ता रोहित राय को गोली मारने की घटना भी सामने आई है। घायल रोहित राय ने अस्पताल में दावा किया कि उन पर टीएमसी समर्थकों ने हमला किया।
उन्होंने कहा कि वह पार्टी का झंडा लगा रहे थे, तभी कुछ लोग आए और गोली चला दी। गोली उनके पेट में लगी बताई जा रही है।
डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
प्रशासन की अपील और राजनीतिक आरोप
राज्य प्रशासन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
दूसरी ओर भाजपा ने इन घटनाओं को लोकतंत्र पर हमला बताया है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि कई घटनाएं स्थानीय विवाद या राजनीतिक तनाव का परिणाम हैं।
9 मई को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले बंगाल का राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
चुनाव बाद हिंसा क्यों बनती है बड़ा मुद्दा?
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। हर चुनाव के बाद अलग-अलग जिलों से हिंसा और टकराव की घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि राजनीतिक ध्रुवीकरण और स्थानीय स्तर की प्रतिस्पर्धा ऐसे हालात को और गंभीर बना देती है। इस बार भी लगातार सामने आ रही घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
