नीतीश का बड़ा फैसला: दिल्ली रवाना, अब Bihar के अगले CM की रेस में 5 नाम; यहां देखें सबकी प्रोफाइल

 


नीतीश का बड़ा फैसला: दिल्ली रवाना, बिहार के नए CM की रेस तेज

बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच नया सियासी समीकरण बनता दिख रहा है। गुरुवार को पटना में नीतीश कुमार राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हुई जब उनके राज्यसभा के लिए नामांकन करने की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में यह नामांकन दाखिल किया जा सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है तो बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ना तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अगले मुख्यमंत्री की दौड़ में फिलहाल पांच प्रमुख नेताओं के नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।


बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव

पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री Nitish Kumar एक केंद्रीय चेहरा रहे हैं। वर्ष 2005 से लेकर अब तक उन्होंने लंबे समय तक राज्य की कमान संभाली।

उनके नेतृत्व में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्रों में योजनाएं लागू हुईं। इसी कारण राज्य की राजनीति में उनका प्रभाव काफी मजबूत रहा है।

अब उनके राज्यसभा जाने की संभावना ने बिहार की राजनीति में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा को तेज कर दिया है।


कब होगा राज्यसभा चुनाव

सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को होना तय है। इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित किए जा सकते हैं।

अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुने जाते हैं, तो इसके बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर नई राजनीतिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

इस बीच राजनीतिक दलों के भीतर संभावित नए नेतृत्व को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है।


नए मुख्यमंत्री की रेस में ये 5 नाम आगे

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बिहार में अगले मुख्यमंत्री की रेस में फिलहाल पांच प्रमुख नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इनमें कई अनुभवी और प्रभावशाली नेता शामिल हैं।

संभावित नामों में शामिल हैं:

  • Samrat Choudhary
  • Nityanand Rai
  • Dilip Jaiswal
  • Vijay Kumar Sinha
  • Sanjeev Chaurasia

इन नेताओं के नाम अलग-अलग राजनीतिक समीकरण और संगठनात्मक भूमिका के आधार पर सामने आ रहे हैं।


सम्राट चौधरी: मजबूत संगठनात्मक चेहरा

बिहार भाजपा में सम्राट चौधरी को एक प्रभावशाली नेता माना जाता है। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले में हुआ था।

उनके पिता शकुनी चौधरी भी राजनीति के अनुभवी नेता रहे हैं। सम्राट चौधरी ने 1990 के दशक में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया और बाद में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।

वह राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसी कारण उन्हें मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में सबसे मजबूत माना जा रहा है।


नित्यानंद राय: केंद्र और राज्य दोनों में अनुभव

नित्यानंद राय भी मुख्यमंत्री पद की चर्चा में शामिल प्रमुख नामों में हैं। वह वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं और इससे पहले बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

उन्होंने हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक के रूप में जीत हासिल की। बाद में लोकसभा चुनाव जीतकर राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, ओबीसी और यादव समुदाय में उनकी पकड़ को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।


दिलीप जायसवाल: संगठन और प्रशासन का अनुभव

दिलीप जायसवाल बिहार भाजपा के एक वरिष्ठ नेता माने जाते हैं। उनका जन्म खगड़िया जिले में हुआ और उन्होंने उच्च शिक्षा के रूप में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।

वह लंबे समय तक पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी रहे। इसके अलावा बिहार सरकार में मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

संगठन और प्रशासन दोनों में अनुभव होने के कारण उन्हें भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है।


विजय सिन्हा: विधानसभा से सरकार तक मजबूत भूमिका

विजय कुमार सिन्हा बिहार की राजनीति में एक मजबूत और अनुशासित नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ।

उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया और बाद में सक्रिय राजनीति में आए। 2017 में उन्हें बिहार सरकार में श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया।

इसके बाद वह बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे और वर्तमान में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं।


संजीव चौरसिया: युवा नेतृत्व का विकल्प

मुख्यमंत्री पद की चर्चा में संजीव चौरसिया का नाम भी सामने आया है। वह पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं।

2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की थी। उनकी शैक्षणिक योग्यता डॉक्टरेट बताई जाती है।

कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युवा नेतृत्व के रूप में उन्हें भी भविष्य के विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है।


आगे क्या होगा

बिहार की राजनीति फिलहाल एक अहम मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो राज्य में नए नेतृत्व को लेकर औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के बीच चर्चा के बाद ही तय होगा।

आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और राज्य को अगला मुख्यमंत्री कौन मिलता है।


Source: मीडिया रिपोर्ट्स / राजनीतिक सूत्र

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