पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े पैसों का खेल, ईद पर थार लाने की तैयारी

 


पाकिस्तानी ट्रांजेक्शन केस में गिरफ्तार हरिद्वार की सोनम को लेकर लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पाकिस्तानी ट्रांजेक्शन केस की जांच में अब सुरक्षा एजेंसियों का फोकस उसके परिवार, बैंक खातों और संपर्कों पर भी बढ़ गया है। साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार की बेटी सोनम पर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का आरोप लगा है। गांव के लोगों के मुताबिक, उसका बेरोजगार भाई ईद के बाद नई थार गाड़ी खरीदने की बात करता था, जिससे अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

जांच एजेंसियों का मानना है कि मामले की परतें खुलने के साथ कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल पुलिस और खुफिया विभाग पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं।

साधारण परिवार से जुड़ी थी सोनम

हरिद्वार के कलियर थाना क्षेत्र के कोटा माछरहेड़ी गांव की रहने वाली सोनम का परिवार बेहद साधारण बताया जा रहा है। उसके पिता की कुछ साल पहले मौत हो चुकी थी। परिवार में पांच बहनें और एक भाई हैं।

सोनम ने इंटरमीडिएट के बाद बीए और फिर प्राइवेट एमए की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह एक इंटर कॉलेज में पढ़ाने का काम कर रही थी। परिवार और गांव वालों को लगता था कि वह अपनी मेहनत और पढ़ाई के दम पर घर की आर्थिक स्थिति सुधार रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, सोनम अक्सर खुद को ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ा बताती थी। इसी वजह से परिवार को भी उसके कामकाज पर कभी शक नहीं हुआ।

भाई की थार खरीदने की चर्चा से बढ़े सवाल

गांव में सबसे ज्यादा चर्चा सोनम के बेरोजगार भाई को लेकर हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह कोई काम नहीं करता था, लेकिन इसके बावजूद वह ईद के बाद चमचमाती थार खरीदने की बात कर रहा था।

ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि आसानी से महंगी गाड़ी खरीदी जा सके। ऐसे में अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम कहां से आ रही थी।

जांच एजेंसियां अब इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या भाई को इन संदिग्ध लेनदेन की जानकारी थी या वह भी केवल सोनम की बताई बातों पर भरोसा कर रहा था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की थी गिरफ्तारी

सोनम को रविवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर उसके घर से गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि उसके जरिए करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन किए गए थे।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के संकेत मिले हैं। हालांकि एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं किया है।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पिछले एक साल में किन-किन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।

लैपटॉप पर करती थी लंबे समय तक काम

स्थानीय लोगों के मुताबिक, सोनम अक्सर खाली समय में लैपटॉप पर काम करती थी। वह ज्यादातर अकेले में काम करती थी ताकि किसी को उसके ऑनलाइन गतिविधियों की जानकारी न हो सके।

अब पुलिस उसके लैपटॉप, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह किन लोगों के संपर्क में थी और किस प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे।

खुफिया विभाग को शक है कि सीमा पार बैठे कुछ हैंडलर्स ने उसे पैसों का लालच देकर अपने जाल में फंसाया हो सकता है।

रुड़की क्षेत्र पहले भी रह चुका है चर्चा में

रुड़की और आसपास का क्षेत्र पहले भी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में रहा है। वर्ष 2016 में लंढौरा इलाके से चार संदिग्धों को पकड़ा गया था।

इसके अलावा 2014 में रुड़की के डीएवी ग्राउंड के पास हुए बम विस्फोट मामले ने भी पूरे इलाके को हिला दिया था। उस मामले की जांच एनआईए समेत कई एजेंसियों ने की थी।

अब सोनम और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क की संभावनाओं को लेकर और सतर्क हो गई हैं।

बैंक खातों और संपर्कों की गहराई से जांच

सुरक्षा एजेंसियों ने सोनम से जुड़े बैंक खातों की जांच तेज कर दी है। इसके अलावा उन लोगों की पहचान की जा रही है जिनके खातों में पैसे ट्रांसफर हुए थे।

जांच अधिकारी यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यह केवल आर्थिक लेनदेन का मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही हैं।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

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