बिहार की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की तबीयत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत बढ़ने के बाद शकुनी चौधरी को पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, शकुनी चौधरी को गंभीर अस्थमा अटैक आया था, जिसके कारण उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम हो गया था। शुरुआती हालत को देखते हुए उन्हें क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के आईसीयू में रखा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इलाज के बाद उनकी स्थिति में सुधार देखने को मिला। शाम तक स्वास्थ्य स्थिर होने पर उन्हें आईसीयू से डीलक्स रूम में शिफ्ट कर दिया गया।
सांस लेने में दिक्कत के बाद बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही शकुनी चौधरी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। धीरे-धीरे उनकी तबीयत ज्यादा खराब होने लगी और बोलने में भी दिक्कत आने लगी।
परिजनों और करीबी लोगों ने तुरंत उन्हें आईजीआईएमएस पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के दौरान पाया कि उनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य से कम हो गया था। इसके बाद उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती किया गया।
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से स्थिति नियंत्रण में आ गई और अब उनकी हालत पहले से बेहतर है।
डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा इलाज
आईजीआईएमएस के डॉक्टरों ने बताया कि शकुनी चौधरी को गंभीर अस्थमा अटैक आया था। उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इलाज के बाद उनकी सांस लेने की स्थिति में सुधार हुआ है। डॉक्टरों ने संभावना जताई है कि अगर स्वास्थ्य सामान्य रहा तो उन्हें शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी दी जा सकती है।
अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही समर्थकों और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ गई। दिनभर अस्पताल परिसर में लोगों का आना-जाना लगा रहा।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी पहुंचे आईजीआईएमएस
शकुनी चौधरी के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी आईजीआईएमएस पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मुलाकात कर इलाज की जानकारी ली।
सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। इस दौरान अस्पताल प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी फोन और संदेश के जरिए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव की भी बिगड़ी तबीयत
इसी बीच गुरुवार देर शाम मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव लोकेश कुमार सिंह की तबीयत भी अचानक खराब हो गई। जानकारी के अनुसार, उनका शुगर लेवल तेजी से नीचे चला गया था।
उन्हें भी तत्काल आईजीआईएमएस लाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच और उपचार किया। करीब एक घंटे तक निगरानी में रखने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई।
डॉक्टरों ने स्वास्थ्य स्थिर होने पर उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी। फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।
बिहार की राजनीति में बड़ा नाम हैं शकुनी चौधरी
शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति का एक चर्चित और अनुभवी चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
वह 1980 से 2005 तक तारापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, ग्रामीण राजनीति और संगठनात्मक पकड़ के कारण उनकी पहचान बिहार की राजनीति में मजबूत रही है। आज भी उनके समर्थकों की बड़ी संख्या है।
स्वास्थ्य को लेकर नेताओं में बढ़ी सतर्कता
हाल के दिनों में बिहार के कई वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों की तबीयत बिगड़ने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में स्वास्थ्य जांच और नियमित मॉनिटरिंग को लेकर जागरूकता बढ़ी है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि अस्थमा, शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। मौसम में बदलाव और बढ़ते प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
शकुनी चौधरी की तबीयत में सुधार की खबर आने के बाद उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली है।
