बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को बक्सर दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने धार्मिक और पर्यटन विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएं कीं। बक्सर के रामरेखा घाट पर श्रीराम की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा के साथ उन्होंने लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया। सम्राट चौधरी का यह दौरा धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बक्सर में सम्राट चौधरी के कार्यक्रमों को लेकर सुबह से ही लोगों में उत्साह देखने को मिला।
हवाई अड्डा मैदान में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद सम्राट चौधरी सीधे प्रसिद्ध श्री वामनेश्वर धाम पहुंचे। यहां उन्होंने करीब 25 मिनट तक पूजा-अर्चना की और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ पूजा में शामिल रहे।
वामनेश्वर धाम में की विशेष पूजा
बक्सर स्थित प्राचीन वामन भगवान मंदिर धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के दौरान सम्राट चौधरी ने राज्य की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान भगवान वामन चेतना मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मृत्युंजय तिवारी के नेतृत्व में मंच के सदस्यों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्हें भगवान वामन का चित्र, अंगवस्त्र और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंदिर परिसर में भाजपा की स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिली।
रामरेखा घाट पर श्रीराम की विशाल प्रतिमा लगेगी
वामनेश्वर धाम से निकलने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सीधे रामरेखा घाट पहुंचा। यहां उन्होंने रामेश्वरनाथ मंदिर में पूजा की और घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि रामरेखा घाट पर भगवान श्रीराम की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। उन्होंने प्रस्तावित प्रतिमा स्थल, कंट्रोल रूम, पाथ-वे, पेयजल व्यवस्था, चेंजिंग रूम और गंगा आरती स्थल का भी जायजा लिया।
सरकार का मानना है कि इससे बक्सर का धार्मिक पर्यटन और अधिक मजबूत होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रीराम की प्रतिमा बनने से रामरेखा घाट देशभर के श्रद्धालुओं के लिए बड़ा आकर्षण बन सकता है।
6 करोड़ की लागत से बने लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बने लाइट एंड साउंड कॉम्प्लेक्स और महर्षि विश्वामित्र मंडपम का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद अधिकारियों ने उन्हें कॉम्प्लेक्स में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
कॉम्प्लेक्स में 5डी थिएटर, टिकट काउंटर, इंडोर और आउटडोर रेस्टोरेंट, ड्राई डेक फाउंटेन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां बक्सर की ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को लाइट एंड साउंड शो के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से बक्सर के इतिहास और महर्षि विश्वामित्र की तपोभूमि की झलक भी दिखाई गई।
पंचकोसी कॉरिडोर की मांग उठी
सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान भगवान वामन चेतना मंच ने चार सूत्री मांग पत्र भी सौंपा। इसमें भगवान वामन मंदिर और अन्य पौराणिक स्थलों को जोड़ते हुए “भगवान वामन पंचकोसी कॉरिडोर” बनाने की मांग की गई।
इसके अलावा हर साल राज्यस्तरीय तीन दिवसीय भगवान वामन महोत्सव आयोजित कराने, गंगा तट के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास की मांग भी रखी गई। मंच ने श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पंचकोसी कॉरिडोर का निर्माण होता है तो इससे धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बक्सर के पर्यटन विकास पर सरकार का फोकस
हाल के वर्षों में बिहार सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। राजगीर, गया और पटना के बाद अब बक्सर को भी बड़े धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी दिखाई दे रही है।
रामरेखा घाट और वामनेश्वर धाम जैसे ऐतिहासिक स्थलों के विकास से स्थानीय व्यापार और पर्यटन उद्योग को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना है कि आधुनिक सुविधाओं के जरिए देशभर के पर्यटकों को आकर्षित किया जाए।
