बिहार की राजनीति और लालू परिवार से जुड़ी खबरों के बीच रोहिणी आचार्य एक बार फिर चर्चा में हैं। रोहिणी आचार्य ने स्वास्थ्य जांच और इलाज के लिए सिंगापुर पहुंचे अपने पिता लालू प्रसाद यादव का बेहद भावुक अंदाज में स्वागत किया। इस स्वागत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पिता-पुत्री के रिश्ते की गहराई साफ दिखाई देती है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे परिवार, भावनाओं और समर्पण की मिसाल बताया है।
लालू प्रसाद यादव के साथ उनकी बड़ी बेटी मीसा भारती भी सिंगापुर पहुंची हैं। वहीं रोहिणी द्वारा साझा किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
रोहिणी के स्वागत ने लोगों को किया भावुक
रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह सिंगापुर एयरपोर्ट पर अपने पिता का स्वागत करती नजर आ रही हैं।
वीडियो के साथ उन्होंने भावनात्मक शब्दों में लिखा कि उनके घर आज उनके "भगवान" आए हैं और उनकी छोटी सी दुनिया में चारों धाम पहुंचे हैं। इस पोस्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स को काफी प्रभावित किया।
वीडियो के बैकग्राउंड में भोजपुरी गीत भी सुनाई देता है, जो पिता और बेटी के रिश्ते की भावनात्मक गहराई को और मजबूत बनाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो सामने आने के कुछ ही समय बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर प्रतिक्रिया दी।
कई यूजर्स ने रोहिणी की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने एक बेटी होने का फर्ज निभाया है। कुछ लोगों ने पिता-पुत्री के रिश्ते को दुनिया के सबसे मजबूत रिश्तों में से एक बताया।
कमेंट सेक्शन में भावनात्मक प्रतिक्रियाओं की भरमार देखने को मिली। लोगों ने रोहिणी और लालू यादव के बीच के लगाव को विशेष बताया।
राजनीतिक गलियारों में भी बढ़ी चर्चा
यह मुलाकात केवल पारिवारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई है।
पिछले कुछ महीनों से रोहिणी आचार्य और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के संबंधों को लेकर लगातार अटकलें लगती रही हैं। विधानसभा चुनाव 2025 के बाद पार्टी के अंदरूनी मुद्दों को लेकर उनकी नाराजगी की खबरें सामने आई थीं।
ऐसे में लालू यादव के सिंगापुर पहुंचने और रोहिणी द्वारा किए गए स्वागत को कई लोग परिवार के भीतर रिश्तों में आई गर्मजोशी के संकेत के रूप में भी देख रहे हैं।
हालांकि रोहिणी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उन्हें किसी राजनीतिक पद या विधान परिषद सदस्यता से जोड़कर की जा रही चर्चाएं सही नहीं हैं।
कौन हैं रोहिणी आचार्य?
रोहिणी आचार्य का जन्म 1 जून 1979 को पटना में हुआ था। वह लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की दूसरी संतान हैं।
उन्होंने जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। हालांकि उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में सक्रिय प्रैक्टिस नहीं की।
रोहिणी हमेशा से अपने पिता के काफी करीब रही हैं और परिवार के महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी भूमिका चर्चा का विषय रही है।
किडनी दान कर बचाई थी पिता की जान
रोहिणी आचार्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर तब सुर्खियों में आया था, जब उन्होंने वर्ष 2022 में अपने पिता को किडनी दान की थी।
उस समय लालू प्रसाद यादव की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई थी। परिवार के भीतर रोहिणी ने आगे बढ़कर किडनी दान करने का फैसला लिया था।
इस कदम को देशभर में सराहा गया था और लोगों ने इसे एक बेटी के त्याग और समर्पण का उदाहरण बताया था।
आज भी जब पिता और बेटी की तस्वीरें सामने आती हैं, तो लोग उस घटना को याद करते हैं।
परिवार और निजी जीवन
रोहिणी आचार्य की शादी वर्ष 2002 में समरेश सिंह से हुई थी। समरेश सिंह शिक्षा और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े रहे हैं और वर्तमान में सिंगापुर में कार्यरत हैं।
यह दंपति तीन बच्चों के माता-पिता हैं। परिवार लंबे समय से सिंगापुर में रह रहा है।
राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद रोहिणी ने लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाए रखी, हालांकि समय-समय पर उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखी है।
क्यों चर्चा में है यह मुलाकात?
लालू यादव की स्वास्थ्य जांच के लिए सिंगापुर यात्रा, रोहिणी का भावुक स्वागत और परिवार से जुड़ी पुरानी चर्चाओं ने इस मुलाकात को खास बना दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना फिलहाल एक पारिवारिक मुलाकात है, लेकिन इसकी राजनीतिक व्याख्याएं भी की जा रही हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो लोगों को पिता-पुत्री के रिश्ते की भावनात्मक कहानी से जोड़ रहा है और यही वजह है कि यह खबर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है।
