पटना और हाजीपुर के बीच चर्चा का विषय बना BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी विवाद इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी विवाद तब सुर्खियों में आया जब उनके पति अमन कुमार ने सार्वजनिक रूप से वैवाहिक जीवन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। दूसरी ओर, गुंजन कुमारी ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष सामने रखा है। मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और दोनों पक्ष पिछले करीब डेढ़ साल से कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बयानों के कारण यह विवाद बिहार से बाहर भी चर्चा में है। हालांकि अब तक किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अदालत या जांच एजेंसियों द्वारा नहीं की गई है।
2013 में हुई थी शादी, पढ़ाई में किया सहयोग
अमन कुमार के अनुसार उनकी और गुंजन कुमारी की शादी वर्ष 2013 में हुई थी। उस समय गुंजन इंटरमीडिएट पास थीं और आगे पढ़ाई करना चाहती थीं।
अमन का दावा है कि उन्होंने और उनके परिवार ने गुंजन की उच्च शिक्षा में पूरा सहयोग दिया। उनके अनुसार पहले स्नातक और फिर बीएड की पढ़ाई पूरी कराने में आर्थिक और पारिवारिक समर्थन दिया गया।
अमन का कहना है कि परिवार ने गुंजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी मदद की ताकि भविष्य में उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें।
जमीन बेचने और संघर्ष की कहानी पर अलग-अलग दावे
अमन कुमार का आरोप है कि पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी थी।
हालांकि गुंजन कुमारी ने इस दावे का खंडन किया है। उनका कहना है कि जमीन की बिक्री उनकी पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि अमन के इलाज और अन्य पारिवारिक जरूरतों के कारण हुई थी।
यहीं से दोनों पक्षों के दावों में बड़ा अंतर दिखाई देता है, जिसकी सच्चाई का फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
सरकारी नौकरी के बाद बढ़ा विवाद
वर्ष 2024 में गुंजन कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास की और सरकारी शिक्षिका के रूप में चयनित हुईं।
नियुक्ति के बाद उनकी पोस्टिंग सुपौल जिले में हुई। अमन का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद दोनों के संबंधों में दूरी बढ़ने लगी और संवाद कम होता गया।
दूसरी तरफ गुंजन का कहना है कि उनके वैवाहिक संबंधों में तनाव पहले से था और वर्तमान विवाद को सोशल मीडिया पर अलग रूप देकर पेश किया जा रहा है।
कथित रिश्ते को लेकर आमने-सामने दोनों पक्ष
अमन कुमार ने अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें कुछ ऐसी परिस्थितियां मिलीं, जिनसे उनके संदेह और मजबूत हुए।
हालांकि गुंजन कुमारी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ बिना सबूत के आरोप लगाए जा रहे हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि खराब करने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आरोप सही हैं तो उनके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।
बच्चे की कस्टडी भी बना विवाद का हिस्सा
इस पूरे विवाद में दंपति का एक बेटा भी है, जिसकी कस्टडी को लेकर दोनों पक्ष अदालत पहुंचे हैं।
अमन कुमार का कहना है कि बच्चा उनके साथ रहना चाहता है। वहीं गुंजन कुमारी ने अदालत से बच्चे की अभिरक्षा की मांग की है।
उनका तर्क है कि वह अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और अपने बेटे की देखभाल बेहतर ढंग से कर सकती हैं। यह मुद्दा भी फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ी चर्चा
इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तब मिली जब दोनों पक्षों के बयान और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।
कई लोगों ने इसे उत्तर प्रदेश के चर्चित ज्योति मौर्य प्रकरण से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां और कानूनी तथ्य अलग हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। अंतिम निर्णय अदालत और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर ही माना जाएगा।
अदालत में चल रही है कानूनी प्रक्रिया
गुंजन कुमारी और अमन कुमार के बीच वैवाहिक विवाद फिलहाल अदालत में लंबित है। दोनों पक्ष एक-दूसरे के आरोपों को गलत बता रहे हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में अदालत दस्तावेजी साक्ष्य, गवाहों और अन्य प्रमाणों के आधार पर फैसला करती है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से अलग न्यायिक प्रक्रिया अपना स्वतंत्र रास्ता अपनाती है।
फिलहाल यह मामला हाजीपुर से लेकर पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर नए बयान के साथ लोगों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही है। लेकिन अंतिम सच्चाई अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
