भागलपुर कन्हैया मोदी हत्याकांड को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। भागलपुर कन्हैया मोदी हत्याकांड में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों और पुलिस के बीच मिलीभगत हुई है और आरोपियों को संरक्षण दिया गया। पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद मौके से ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को फोन कर खरीक थानेदार और एक अन्य दारोगा को हटाने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में लोगों का गुस्सा बढ़ सकता है। सांसद ने आरोपियों के एनकाउंटर की भी मांग उठाई।
पीड़ित परिवार से मिले पप्पू यादव
पूर्णिया सांसद बुधवार को भागलपुर जिले के नगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक बाजार स्थित मोदी टोली पहुंचे। यहां उन्होंने मृतक कन्हैया कुमार मोदी के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
परिवार और ग्रामीणों ने खरीक थाना पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना था कि अपराधियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
मौके पर मौजूद लोगों ने थानाध्यक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। इसके बाद पप्पू यादव ने वहीं से भागलपुर के आईजी और एसएसपी को फोन लगाया।
पुलिस और अपराधियों की मिलीभगत का आरोप
पप्पू यादव ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत में कहा कि खरीक थाना के कुछ अधिकारी अपराधियों और माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।
उनका आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी लगातार थानेदार और एक दारोगा के संपर्क में थे। उन्होंने दावा किया कि बाद में पुलिस और अपराधियों के बीच सरेंडर को लेकर “सेटिंग” भी हुई।
सांसद ने अधिकारियों से कहा कि अगर खरीक इलाके में हालात बिगड़ने से बचाने हैं तो संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत हटाया जाए।
हालांकि इन आरोपों पर पुलिस की ओर से अलग पक्ष सामने आया है।
पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
खरीक थानाध्यक्ष नरेश कुमार ने सांसद के आरोपों को गलत बताया है।
उन्होंने कहा कि घटना के चार घंटे के भीतर ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस का दावा है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की गई और किसी भी आरोपी को बचाने की कोशिश नहीं हुई।
थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
परिवार को मिली धमकी, सुरक्षा की मांग
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक कन्हैया कुमार मोदी के भाई अमरनाथ कुमार को जान से मारने की धमकी मिलने की बात सामने आई।
परिवार का आरोप है कि कठेला निवासी कुख्यात ऋषव चौधरी के भाई केशव चौधरी ने पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी दी है।
इसके बाद अमरनाथ कुमार ने खरीक थाना में आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
संसद में मुद्दा उठाने की बात
पप्पू यादव ने परिजनों से कहा कि लोकसभा सत्र शुरू होते ही वह इस मामले को संसद में उठाएंगे।
उन्होंने कहा कि अपराधियों और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
सांसद ने भावुक अंदाज में कहा कि किसी भी कीमत पर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे।
बिहार में कानून-व्यवस्था पर फिर बहस
इस घटना के बाद बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
हाल के महीनों में कई आपराधिक घटनाओं को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। वहीं सरकार और पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय सबसे जरूरी होता है। इससे लोगों का भरोसा कानून व्यवस्था पर बना रहता है।
फिलहाल कन्हैया मोदी हत्याकांड में पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर राजनीतिक नजर भी बनी हुई है।
Source: स्थानीय पुलिस, पीड़ित परिवार एवं जनप्रतिनिधियों के बयान
