NEET पेपर लीक मामला अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। NEET पेपर लीक मामले में बिहार कनेक्शन सामने आने के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूछा है कि “परीक्षा पर चर्चा” करने वाले प्रधानमंत्री “पेपर लीक” पर चर्चा करने से क्यों बच रहे हैं।
रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं से छात्रों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
सोशल मीडिया पोस्ट से सरकार पर हमला
रोहिणी आचार्या ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लंबा पोस्ट साझा किया। उन्होंने कहा कि देश में लाखों छात्र कठिन मेहनत से परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके भविष्य को संकट में डाल रही हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रधानमंत्री वर्षों से “परीक्षा पर चर्चा” करते रहे हैं तो “पेपर लीक पर चर्चा” क्यों नहीं करते।
अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि देश में पिछले कई वर्षों के दौरान अनेक बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन इस मुद्दे पर सरकार की ओर से ठोस सार्वजनिक प्रतिक्रिया कम दिखाई देती है।
NEET मामले में बिहार कनेक्शन से बढ़ी हलचल
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और सॉल्वर गिरोह के तार बिहार से जुड़ने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं।
मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने नालंदा जिले के पावापुरी मेडिकल कॉलेज में जांच की। जांच के दौरान टीम ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में कुछ छात्रों के कमरों की तलाशी ली और कॉलेज प्रशासन से जानकारी जुटाई।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में सॉल्वर गैंग और परीक्षा माफिया के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
मेडिकल कॉलेज के छात्रों पर गंभीर आरोप
जांच के दायरे में आए छात्रों में पावापुरी मेडिकल कॉलेज के द्वितीय वर्ष के छात्र अवधेश कुमार और उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू के नाम शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार अवधेश कुमार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि उज्ज्वल उर्फ राजा बाबू फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों को कथित तौर पर सॉल्वर गिरोह के प्रमुख सदस्यों के रूप में चिन्हित किया गया है। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है।
कई जिलों से आरोपियों की गिरफ्तारी
नीट परीक्षा से एक दिन पहले 2 मई की रात नालंदा पुलिस ने कथित सॉल्वर गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग जिलों से अन्य लोगों को भी पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के युवक शामिल बताए जा रहे हैं।
सीबीआई अब सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
युवाओं के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि इससे लाखों छात्रों का करियर जुड़ा होता है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए बिना ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।
वहीं राजनीतिक दल भी इस मुद्दे को लेकर लगातार सरकार और प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं।
जांच और राजनीति दोनों पर नजर
फिलहाल पूरे मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी दोनों तेज हो गई हैं।
एक तरफ सीबीआई कथित पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रहा है।
आने वाले दिनों में जांच की दिशा और नए खुलासों पर देशभर के छात्रों और अभिभावकों की नजर बनी रहेगी।
