कटिहार स्कूल में ‘वंदे मातरम्’ पर विवाद, दो शिक्षकों से जवाब तलब

 


कटिहार जिले में वंदे मातरम् विवाद ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल अनुशासन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। बरारी प्रखंड के एक सरकारी विद्यालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के दौरान दो शिक्षकों द्वारा विरोध जताने के बाद मामला चर्चा में आ गया। इस वंदे मातरम् विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है और कार्रवाई की चेतावनी दी है।

घटना के बाद विद्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। फिलहाल मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्कूल में राष्ट्रीय गीत के दौरान शुरू हुआ विवाद

मामला बरारी प्रखंड के उच्च माध्यमिक सह उत्क्रमित मध्य विद्यालय मौलनाचक, गुरमेला का है। जानकारी के अनुसार शनिवार को विद्यालय सत्र की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन कराया जा रहा था।

इसी दौरान विद्यालय के दो शिक्षक मो. फरहन अंजूम और मो. अबू तालिब ने राष्ट्रीय गीत गाने को लेकर आपत्ति जताई। उनके विरोध के बाद विद्यालय का माहौल अचानक बदल गया।

प्रधानाध्यापक और अन्य शिक्षकों ने दोनों शिक्षकों को सरकार की गाइडलाइन का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया। हालांकि स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और विवाद बढ़ता चला गया।

वार्ड सदस्य को बुलाने के बाद बढ़ा तनाव

बताया जा रहा है कि विरोध कर रहे शिक्षकों ने विद्यालय के शासी निकाय के अध्यक्ष सह वार्ड सदस्य मो. अनारूल को मौके पर बुला लिया। इसके बाद स्कूल परिसर में समर्थन और विरोध को लेकर दो गुट बन गए।

कुछ शिक्षक राष्ट्रीय गीत के गायन के पक्ष में थे, जबकि कुछ लोग विरोध करने वालों के समर्थन में नजर आए। इससे कुछ समय के लिए विद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हुआ।

घटना के दौरान छात्रों में भी असमंजस की स्थिति बनी रही। हालांकि बाद में स्थिति को शांत कराया गया और विद्यालय की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं।

शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण

मामले की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय के कुछ शिक्षक और ग्रामीण प्रखंड संसाधन केंद्र बरारी पहुंचे। वहां उन्होंने प्रभारी बीईओ राजकुमार सिंह से पूरे घटनाक्रम की शिकायत की।

प्रभारी बीईओ ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों शिक्षकों से जवाब तलब किया है। उन्हें दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें विद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष पर भी कार्रवाई संभव बताई गई है।

सरकार की गाइडलाइन को लेकर बढ़ी चर्चा

बिहार सरकार ने हाल के दिनों में सभी शैक्षणिक संस्थानों में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के गायन को अनिवार्य करने पर जोर दिया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रीयता, अस्मिता और गौरव की भावना को मजबूत करना है।

इसी नीति के तहत कई स्कूलों में नियमित रूप से राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ का गायन कराया जा रहा है। कटिहार की घटना के बाद अब इस विषय पर सामाजिक और शैक्षणिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में किसी भी विवाद को शांतिपूर्ण और संवाद के जरिए सुलझाना जरूरी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और वातावरण प्रभावित न हो।

ग्रामीणों में दिखी नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने राष्ट्रीय गीत के विरोध को अनुचित बताया, जबकि कुछ लोगों ने मामले को संवेदनशील बताते हुए शांतिपूर्ण समाधान की बात कही।

स्थानीय स्तर पर लोग इस बात को लेकर भी चर्चा कर रहे हैं कि विद्यालयों में अनुशासन और सरकारी निर्देशों का पालन किस तरह सुनिश्चित किया जाए।

फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों की बात सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

स्कूलों में अनुशासन और संवाद दोनों जरूरी

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं होते, बल्कि सामाजिक और संवैधानिक मूल्यों को समझाने का भी माध्यम होते हैं। ऐसे मामलों में संवाद और संवेदनशीलता दोनों जरूरी हैं।

कटिहार का यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था, सरकारी निर्देश और स्कूल अनुशासन को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। आने वाले दिनों में विभागीय जांच के बाद इस मामले में आगे की तस्वीर साफ हो सकती है।

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