बिहार की राजनीति में इन दिनों रितु जायसवाल बीजेपी जॉइन करने की चर्चा सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। राष्ट्रीय जनता दल की पूर्व प्रवक्ता और तेजस्वी यादव की करीबी मानी जाने वाली रितु जायसवाल ने खुद सोशल मीडिया पर भाजपा में शामिल होने की तारीख का ऐलान कर दिया है। इस रितु जायसवाल बीजेपी जॉइन खबर के सामने आने के बाद राज्य की सियासत में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय आरजेडी का पूरा शीर्ष नेतृत्व दिल्ली में पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त है, उसी दौरान बिहार में पार्टी के कई नेताओं की भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियां राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े कर रही हैं।
26 मई को BJP का दामन थामेंगी रितु जायसवाल
राजद महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने फेसबुक पोस्ट के जरिए भाजपा में शामिल होने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 26 मई 2026 को पटना स्थित भाजपा कार्यालय के अटल सभागार में वे औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगी।
उनके अनुसार सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम दोपहर 12:19 बजे से 1:09 बजे के बीच आयोजित होगा। उन्होंने इसे सादगीपूर्ण और गरिमामय कार्यक्रम बताया है।
रितु जायसवाल लंबे समय तक आरजेडी की मुखर प्रवक्ता रहीं। पार्टी की ओर से कई अहम मुद्दों पर उन्होंने आक्रामक तरीके से पक्ष रखा था। ऐसे में उनका भाजपा में जाना आरजेडी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
दिल्ली में इराज के बर्थडे पर जुटेगा विपक्ष
इधर, लालू यादव परिवार इस समय दिल्ली में मौजूद है। मौका तेजस्वी यादव के बेटे इराज के पहले जन्मदिन समारोह का है। 27 मई को गाजियाबाद में आयोजित होने वाली इस पार्टी को राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के शामिल होने की भी चर्चा है। आरजेडी ने अपने विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों को दिल्ली पहुंचने का निर्देश दिया है।
सम्राट चौधरी से बढ़ती मुलाकातों ने बढ़ाए कयास
बीते कुछ दिनों में बिहार की राजनीति में भाजपा नेताओं से बढ़ती मुलाकातों ने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। हाल ही में भोजपुरी अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने भाजपा नेताओं से मुलाकात की थी।
इसके बाद वारसलीगंज से आरजेडी विधायक अनीता महतो ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इन घटनाओं के बाद राजनीतिक गलियारों में लगातार नए समीकरणों की चर्चा हो रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की राजनीतिक सक्रियता और संपर्क अभियान बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि अभी तक इन मुलाकातों को लेकर किसी बड़े राजनीतिक फैसले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
टिकट कटने के बाद बढ़ी थी नाराजगी
रितु जायसवाल की नाराजगी पिछले कुछ समय से चर्चा में थी। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से हारने के बावजूद पार्टी में उनकी सक्रिय भूमिका बनी रही।
2024 लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया था। वहां उन्होंने कड़ा मुकाबला किया और करीब 4.47 लाख वोट हासिल किए। हालांकि वे चुनाव जीत नहीं सकीं।
बाद में विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से उनका टिकट काट दिया गया। पार्टी ने वहां किसी अन्य उम्मीदवार को मौका दिया, जिसके बाद रितु जायसवाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा। उन्हें करीब 64 हजार वोट मिले और इसे आरजेडी उम्मीदवार की हार का एक बड़ा कारण माना गया।
बिहार राजनीति में क्या बदल सकते हैं समीकरण?
राजनीतिक जानकारों के अनुसार रितु जायसवाल का भाजपा में जाना सिर्फ एक दल बदल नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक रणनीतियों का संकेत भी हो सकता है।
आरजेडी लंबे समय से महिला नेतृत्व और युवा चेहरों को आगे बढ़ाने की कोशिश करती रही है। ऐसे में पार्टी की प्रमुख महिला नेताओं में शामिल रितु का अलग होना संगठनात्मक असर भी डाल सकता है।
वहीं भाजपा लगातार विपक्षी दलों के प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। आने वाले महीनों में बिहार की राजनीति में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल 26 मई को होने वाले सदस्यता कार्यक्रम और उसके बाद की राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर बनी हुई है।
